संभल। दो भाइयाें की हत्या करने का आरोपी धर्मवीर पुलिस की छह टीमों को चकमा किसी पेशेवर शातिर अपराधी की तरह दे रहा है। पुलिस की टीमों को कई महत्वपूर्ण सुराग मिले हैं लेकिन टीम के पहुंचने से पहले ही वह निकल जाता है। पुलिस आरोपी को पकड़ने के लिए विशेषज्ञों की मदद भी ले रही है।
एसपी कृष्ण कुमार विश्नोई ने बताया कि 260 से ज्यादा लोगों से टीमों ने पूछताछ की है। इसमें 77 वह लोग हैं, जो आरोपी के साथ पढ़ाई कर रहे हैं या कर चुके हैं। इसके बाद भी आरोपी पकड़ में नहीं आया है। एसपी का कहना है कि टीमें लगातार काम कर रही हैं। जल्द ही आरोपी को पकड़ लिया जाएगा।
बहजोई थाना क्षेत्र के गांव मैथरा धर्मपुर निवासी रामौतार के बेटे अमरपाल (14) और कमल सिंह (10) को बदायूं जिले के उघैती थाना क्षेत्र के गांव सरैरा निवासी धर्मवीर अपनी बाइक पर ले गया था। यह दोनों भाई धनारी क्षेत्र के गांव मझोला एक शादी में शामिल होने के लिए गए थे। जब दोनों भाई बरात में नहीं मिले और घर भी नहीं लौटे तो किशोरों का अपहरण करने के आरोप में 27 नवंबर को धनारी थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
29 नवंबर की सुबह रजपुरा थाना क्षेत्र के गांव सिंघौली कल्लू के पास गन्ने के खेत में अमरपाल का शव मिला था। दूसरे भाई कमल सिंह का शव शुक्रवार को धनारी थाना क्षेत्र के भकरौली में एक तालाब में मिला है। पुलिस का मानना है कि हत्याएं एक ही दिन हुई हैं लेकिन दोनों शवों के बीच इतनी दूरी कैसे हुई, इस सवाल का जवाब आरोपी ही दे सकता है।
एक साल पहले तक जो भी संपर्क में रहा, उससे पूछताछ
एक साल पहले तक जिन लोगों के संपर्क में आरोपी रहा है, पुलिस उन सभी से पूछताछ कर रही है। हालांकि अभी तक पुलिस की टीमों को कोई पुख्ता सुराग आरोपी तक पहुंचने का नहीं मिला है। सूत्रों का कहना है कि आसपास के कई जिलों में पुलिस की टीमें छानबीन कर रही है। जहां आरोपी भीड़ का हिस्सा बन सकता है उन इलाके में भी देखा जा रहा है।
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परिजन धमकी से चेत जाते तो शायद नहीं जाती दोनों भाइयों की जान
आरोपी धर्मवीर रामौतार का रिश्तेदार है। उसका रामौतार के घर आना जाना था। तीन महीने पहले किसी बात पर कहासुनी हो गई थी। उसके बाद ही आरोपी ने धमकी दी थी कि वह अमरपाल और कमल सिंह को मार देगा। इस धमकी पर परिजन चेते नहीं बल्कि नजरअंदाज कर दिया। आरोपी ने धमकी को सही साबित कर दिया और दोनों भाइयों की हत्या कर दी। रामौतार के परिवार में दो बेटे व एक बेटी ही है। अब बेटी बची है।