किसानों को समय पर सिंचाईं के लिए पानी भी मिलेगा क्योंकि मध्य गंगा नहर के फेज-टू को मंजूरी मिल गई है। इसके लिए नाबार्ड ने 4700 करोड़ रुपये की वित्तीय स्वीकृति दी है। वर्ष 2007-2008 से चल रहे इस प्रोजेक्ट पर 1006 करोड़ रुपये व्यय हो चुके हैं। लेकिन धनराशि न होने की वजह से काम तीन वर्ष से काम ठप है।
लंबे समय से मध्य गंगा नहर परियोजना फंड के लिए तरस रही थी पर अब जाकर जनवरी में इसे मंजूरी मिली है। अब 3694 करोड़ रुपये दिसंबर 2019 तक व्यय किए जाएंगे। इसमें सबसे बड़ा हिस्सा 2400 करोड़ रुपये जमीनों के अधिग्रहण पर व्यय होगा। पूरी फंडिंग नाबार्ड करेगा। इसमें 25 प्रतिशत धनराशि केंद्र सरकार और 75 प्रतिशत राज्य सरकार को बतौर कर्ज दी जाएगी। कर्ज की धनराशि से प्रोजेक्ट पर काम होगा। प्रोजेक्ट दिसंबर 2019 में पूरा करने का लक्ष्य है।
मंडल के चार जनपदों के साथ बुलंदशहर और बदायूं के किसानों को लाभ मिलेगा लेकिन सबसे ज्यादा लाभ संभल और अमरोहा को होगा। कुल 1.46 लाख हेक्टेयर क्षेत्रफल कृषि भूमि की सिंचाई हो सकेगी।