जुनावई। मनरेगा से जुड़े ब्लॉक स्तर के 6345 मजदूरों को दो माह से मजदूरी नहीं मिली है। उनके परिवार भुखमरी के कगार पर पहुंच गए हैं। भुगतान न होने की वजह से मनरेगा मजदूराें ने ग्राम पंचायत में होने वाले कार्याें से दूरी बना ली। मनरेगा से होने वाले विकास कार्य अधर में लटके पड़े हैं। मजदूर रोजाना प्रधान और रोजगार सेवकों के घर के चक्कर लगा रहे हैं।
जुनावई ब्लॉक क्षेत्र की 72 ग्राम पंचायतों में 6345 मनरेगा मजदूर कार्यरत हैं। इन मजदूरों की लगभग 55000 मानव दिवस हो चुके हैं। जिसका 12665635 रुपये की धन राशि नरेगा से भुगतान होना है। परंतु 21 अगस्त के बाद मजदूरों की मजदूरी का भुगतान नहीं किया गया। मजदूरोें के परिवार के सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है। गांव में उधार लेकर वह अपने परिवार का खर्च चला रहे हैं। रोजाना मजदूर सुबह से लेकर शाम तक ग्राम प्रधान और रोजगार सेवकों के घर के चक्कर काट रहे हैं। मजदूरी न मिलने की वजह से मजदूरों ने मनरेगा के तहत होने वाले कार्याें से दूरी बना ली है।
बीते दो माह से मनरेगा मजदूरों को मजदूरी नहीं मिली, इसकी जानकारी है। अभी मनरेगा में धनराशि नहीं है। बजट आते ही मनरेगा मजदूरों के खाते में धनराशि आवंटित कर दी जाएगी। -अखिलेश कुमार, बीडीओ जुनावई