चंदौसी (संभल)। पंवासा ब्लॉक क्षेत्र के गांव औरंगपुर सिलैटा के रोजगार सेवक पर मृतक को जीवित मनरेगा श्रमिक दर्शाकर सरकारी धनराशि का दुरुपयोग करने का आरोप लगाया है। इस संदर्भ में ग्राम प्रशासक ने डीएम को शिकायती पत्र देकर जांच करा कर कार्रवाई की मांग की है।
गांव औरंगपुर सिलैटा के ग्राम प्रधान/प्रशासक अमर सिंह ने जिलाधिकारी को दिए शिकायती पत्र में बताया कि गांव में तैनात महिला ग्राम रोजगार सेविका 11 वर्ष पहले अपने पति के साथ मुरादाबाद में रहने लगी। पांच वर्ष पहले उसके पति की मृत्यु हो गई। गांव में रोजगार सेविका के जेठ और गांव में तैनात मनरेगा कर्मचारियों की मिलीभगत से अनधिकृत रूप से कार्य कराया जाता रहा है। आरोप है कि मनरेगा के अंतर्गत कराए गए पिछले कुछ वित्तीय वर्षों के कार्यों का ऑनलाइन डाटा चेक करने पर ज्ञात हुआ कि 2020 में मृतक फूल सिंह को जीवित दिखाकर एक मई से छह मई तक बालजीत के खेत से महीलाल के खेत तक हुए मिट्टी कार्य में मजदूरी दर्शायी। बाद में 2020 में 18 से 24 अक्तूबर तक हेतराम के खेत से रामौतार के खेत तक मिट्टी कार्य के दौरान दर्शाया।
आरोप है कि हेतराम के खेत से रामौतार के खेत तक मिट्टी कार्य पर मृतक फूल सिंह के खाते में 1407 रुपये की धनराशि 10 नवंबर 2020 को हस्तांतरण कराई गई है। बैंक शाखा से जानकारी करने पर पता चला कि उक्त खाता मृतक फूल सिंह के पुत्र देवराज की पत्नी रामप्यारी के नाम से संचालित है। ग्राम प्रधान का कहना है कि उक्त मामले में 9 जून 2022 को रोजगार सेविका से स्पष्टीकरण मांगा गया था और 10 जून 2022 को उपायुक्त मनरेगा को शिकायती पत्र दिया गया था। जिस पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। मामले की जांच कराकर कार्रवाई की जाए। इस संदर्भ में सीडीओ गोरखनाथ भट्ट ने बताया कि मामला उनके संज्ञान नहीं है। यदि कोई शिकायत आती है तो मामले की जांच कराई जाएगी।