शासन से नामित नोडल अधिकारी, प्रबंध निदेशक पीसीडीएफ कुणाल सिल्कू ने बृहस्पतिवार को लंपी को लेकर बहजोई में अधिकारियों की समीक्षा बैठक की। संभल ब्लॉक सभागार में प्रधानों और बीडीसी सदस्यों के साथ संवाद किया। शरीफपुर गो-आश्रय स्थल का निरीक्षण किया। कहा कि लंपी को लेकर पशुपालक सजग रहें और बीमार पशुओं को स्वस्थ पशुओं से दूर रखें। ताकि संक्रमण का प्रसार होने से रोका जा सके।
नोडल अधिकारी कुणाल सिल्कू ने बृहस्पतिवार को सबसे पहले प्रशासनिक व पशु चिकित्सा अधिकारियों के साथ बहजोई स्थित कलक्ट्रेट सभागार में बैठक की। बैठक में आवश्यक दिशा-निर्देश देते हुए कहा कि गांवों, गो-आश्रय स्थलों पर साफ-सफाई, कीटनाशक दवाइयों का स्प्रे, मच्छरों के फॉगिंग आदि कराएं। बीमार पशु को तुरंत उपचार दिया जाए। साथ ही पशुओं की देख-रेख व बीमारी के लक्षण, उपचार आदि के लिए पशुपालकों को प्रशिक्षण दिया जाए। नोडल अधिकारी ने इसके बाद संभल ब्लॉक सभागार में प्रधानों और बीडीसी सदस्यों के साथ बैठक की। कहा कि लंपी से ग्रसित पशुओं के दूध का उपयोग करने में कोई दिक्कत नहीं है। इस दौरान बृजपाल सिंह, सुदेशपाल सिंह, हरीश लोधी, कपिल कुमार आदि रहे। इसके बाद नोडल अधिकारी सिंहपुरसानी स्थित पंचायत भवन पर पहुंचे। यहां ग्रामीणों से बीमार पशु को अलग रखने, पशुओं के नीचे व आसपास साफ-सफाई रखने, बीमार पशु की सूचना चिकित्सकों को देने के बारे में बताया। इसके बाद नोडल अधिकारी शरीफपुर स्थित गो-आश्रय स्थल पहुंचे। पशुओं को लेकर जानकारी हासिल की।