योगी सरकार बनने के बाद पुलिस अधीक्षक बालेंदु भूषण सिंह ने बिना वैध लाइसेंस के मीट बिक्री पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया। इसके बाद मछली बाजार में अधिकांश दुकानें बंद रही।
सरायतरीन में मांस विक्रेताओं ने प्रदेश सरकार के खिलाफ जमकर प्रदर्शन किया। उन्होंने योगी सरकार पर मुस्लिम समाज के लोगों को परेशान करने का आरोप लगाया। साथ ही मांस बंदी करने से पहले विक्रेताओं को रोजगार देने की मांग की।
बताते हैंकि यहां अधिकांश दुकानें बिना लाइसेंस के ही संचालित हो रही हैं। हालांकि दुकानदारों ने पुलिस प्रशासनिक अधिकारियों से कारोबार प्रभावित होने की बात कहते हुए दुकानें बंद कराने की मांग की है। गुुरुवार की सुबह कोतवाली पुलिस ने मछली बाजार स्थित करीब मुर्गा व मीट की आठ दुकानें बंद करा दी।
दुकान बंद होने से मीट विक्रेताओं में रोष है। उनका कहना था कि वह काफी लंबे समय से यह काम करते आ रहे हैं। अचानक इस तरह दुकानें बंद कराने से रोजी रोटी की समस्या पैदा हो गई है। दुकानें बंद होने के बाद मीट विक्रेता उपजिलाधिकारी अमित कुमार व क्षेत्राधिकारी सुरेश बाबू यादव से मिले और दुकाने बंद होने की बात कही। दोनों अधिकारियों ने इस बारे में अनभिज्ञता जताई और कोतवाली पुलिस से जानकारी करने को कहा।
साथ ही उपजिलाधिकारी ने शुक्रवार को मौका मुआयना करने की बात मीट विक्रेताओं से कही। देर शाम मीट बिक्रेता नासिर हुसैन, नाजिम, फारुकी, राहत हुसैन, हाजी जावेद, जमील अहमद, मुहम्मद जफर, अनस, मुहम्मद आसिफ, शहबाज, फईमप्रभारी निरीक्षक से मिले और दुकानबंद कराने के बारे में बताया और रोजी रोटी का वास्ता देकर खुलवाने की मांग की।