पवांसा ब्लॉक के गांव अमावती में गांव के मुख्य मार्ग पर हो रहा जलभराव।
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संभल। साहब के निरीक्षण के दौरान गांव में सबकुछ सही करा दिया जाता है। पर हकीकत में कुछ भी सही नहीं है। इसका एक उदाहरण नहीं अनेक हैं। जिलेभर के गांवों की हालत दिनों दिन बदतर हो रही है। अफसर निरीक्षण करने की औपचारिकताएं पूरी करते हैं और गांव के लोग बदहाली की व्यवस्था से जूझ रहे हैं।
शासन ने साप्ताहिक दो दिवसीय लॉकडाउन इसलिए किया है ताकि गांव से लेकर शहर तक सफाई अभियान चलवाया जा सक्। सैनिटाइजेशन करा संचारी रोगों की रोकथाम कराई जा सके लेकिन यह मंशा अपनी मंजिल तक नहीं पहुंच रही। रविवार को गांवों की हकीकत जानी तो बेहद खराब स्थिति सामने आई।
केस-1 पवांसा ब्लॉक क्षेत्र के गांव सारंगपुर में साफ सफाई नहीं हुई है। जबकि शासन ने आदेश भी कर दिया गया है कि गांव में लॉकडाउन के दौरान साफ-सफाई और सैनिटाइजेशन कराया जाए। इसके बाद भी ग्राम प्रधान और ग्राम पंचायत सचिव ने साफ सफाई पर कोई ध्यान नहीं दिया। ग्रामीणों ने बताया कि गांव में पिछले कई वर्षों से साफ सफाई नहीं कराई गई। गांव के ग्राम प्रधान अपने आवास की तरफ साफ सफाई करा लेते हैं और अन्य किसी रास्ते पर साफ सफाई नहीं होती। ग्रामीणों ने बताया कि शुक्रवार को मुख्य विकास अधिकारी ने भी गांव का निरीक्षण किया था। लेकिन वह सही सड़क पर घूमकर चले गए। गांव के हालात अंदर से नहीं देखे।
केस-2
पवांसा ब्लॉक के गांव अमावती में गांव के मुख्य मार्ग पर ही जलभराव है। जिससे ग्रामीणों को निकलने में काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। गांव में कोरोना काल के दौरान एक बार भी सैनिटाइजेशन नहीं कराया गया। ग्रामीणों ने बताया कि गांव के मुख्य मार्ग पर कई वर्षों से जलभराव की स्थिति है। शिकायत ब्लॉक स्तरीय अधिकारियों से भी की गई। सुनवाई कहीं नहीं हुई। रिमझिम बरसात के बाद मुख्य मार्ग तालाब में तब्दील हो जाता है।
केस-3
पवांसा ब्लॉक के गांव खिरनी के मुख्य मार्ग पर ही कीचड़ फैली हुई है। दो पहिया वाहन चालकों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। दो पहिया वाहन चालकों को निकलते समय अगर बाइक फिसल जाती है। ग्राम प्रधान और ग्राम पंचायत सचिव का समस्याओं पर कोई ध्यान नहीं है। ग्रामीणों का कहना है कि गांव में सैनिटाइजेशन भी किया गया तो ऐसा जिससे मच्छर भी कम नहीं हुए। ग्रामीणों का कहना है कि अधिकारियों को निरीक्षण कर हकीकत देखनी चाहिए।
केस-4
पवांसा ब्लॉक के गांव मुजफ्फरपुर में रिमझिम बडसात के बाद ही संभल-बहजोई मार्ग पर जलभराव के हालात बन जाते हैं। गांव की हालत इससे भी बदतर हो जाती है। गांव में सफाई व्यवस्था चरमराई हुई है। कोरोना काल में भी जिम्मेदार अपनी जिम्मेदारी निभाने को तैयार नहीं है। ऐसे में संक्रमित बीमारियों के फैलने की संभावना ज्यादा है। ग्राम प्रधान और ग्राम सचिव को संचारी रोग रोकथाम के लिए उपाए करना चाहिए।