देश हाईटेक हो रहा है, लेकिन ग्रामीण क्षेत्र के पीने का साफ पानी मयस्सर नहीं है। इस तरफ न तो सरकार का ही ध्यान न ही जिले के प्रशासन का। जिले के कई गांवों में प्रदूषित पानी पीकर लोग बीमार हो रहे हैं।
लखौरी जलालपुर और सिंहपुरसानी की तरह मन्नीखेडा में भी नल प्रदूषित पानी उगल रहे हैं। हालात इतने खराब हैं कि प्राथमिक विद्यालय के बच्चों को भी प्रदूषित पानी पीना पड़ रहा है।तहसील क्षेत्र के गांव मन्नीखेड़ा में भी ओबरी, सिंहपुरसानी और भदरौला की तरह नल गंदा पानी उगल रहे हैं।
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अधिकतर नलों से प्रदूषित पीला पानी आ रहा है। यहां पर एक पनीर की फैक्ट्री है। आरोप है कि जिसका गंदा पानी गांव में इधर बहता रहता है और यह पानी भूजल को प्रदूषित बना रहा है। गांव के प्राथमिक विद्यालय के नल से भी प्रदूषित पानी आ रहा है।
बच्चे उसी प्रदूषित पानी को पीकर अपनी प्यास बुझा रहे हैं। कुछ लोग खेतों के नलकूपों से पानी भरकर काम चला रहे है, तो कुछ लोग एक दूसरे के घरों से पानी ले रहे हैं। इस गांव में 185 फुट गहरे में साफ पानी है। ऐसे में सक्षम लोगों ने गहरे बोरिंग करा लिए हैं, लेकिन गरीब लोग आज भी प्रदूषित पानी पीने के लिए मजबूर है।