चंदौसी(संभल)। न्यायालय ने थाना असमोली क्षेत्र के वर्ष 2017 में हुए नाबालिग से दुष्कर्म और महिला से छेड़खानी के मामले में एक दोषी को 20 वर्ष के कठोर कारावास और 30 हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया है। जबकि उसका एक साथी फरार चल रहा है। दूसरे को साक्ष्यों के अभाव में बरी कर दिया। मुकदमे की सुनवाई विशेष न्यायाधीश (पॉक्सो एक्ट) / अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश के न्यायालय में हुई।
थाना असमोली क्षेत्र के रहने वाले पीड़ित व्यक्ति ने पुलिस को एक तहरीर दी थी। इसमें बताया कि वह अधिकांश बाहर रह कर अपने बच्चों का पालन पोषण करता है। नसीम व रिजवान गुंडागर्दी करते फिरते हैं। अब से करीब छह माह पहले नसीम से बकरी के बच्चे को लेकर कहासुनी हो गई थी। तब ही से नसीम और उसके परिवार वाले उसके व उसके परिवार से रंजिश रखते हैं। इसके चलते 19 अगस्त 2017 को पत्नी व बच्चे घर पर ही थे। तभी अचानक नसीम, रिजवान और शाकिब शाम करीब चार बजे घर में घुस आए और गालियां देने लगे।
पत्नी व बच्चों ने गाली देने से मना किया तो पत्नी व बच्चों के साथ मारपीट की। रिजवान पत्नी को बुरी नीयत से पकड़ लिया। नसीम व शाकिब ने कक्षा नौ में पढ़ रही 14 वर्षीय को उठा कर कमरे में ले गए और उसके साथ अश्लील हरकतें करते हुए दुष्कर्म करने की कोशिश करने लगे। बेटी ने पिता से शिकायत करने की बात कही तो गले में रस्सी का फंदा डाल कर मारने का प्रयास किया। इससे बेटी बेहोश हो गई।
तब आरोपी उसे मरा समझ कर भाग गए। उसने घर पहुंच कर बेटी को अस्पताल में भर्ती कराया। पुलिस ने नसीम, रिजवान और शाकिब के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर विवेचना की। विवेचना के बाद साक्ष्य जुटा कर न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल कर दिया।
मुकदमे की सुनवाई विशेष न्यायाधीश (पॉक्सो एक्ट) / अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश अवधेश कुमार सिंह के न्यायालय में हुई। अभियोजन पक्ष से विशेष लोक अभियोजक आदित्य कुमार सिंह ने साक्ष्यों के आधार पर दलीलें पेश कीं। न्यायालय ने नसीम को दोषी करार देते हुए 20 वर्ष के कठोर कारावास और 30 हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया। जबकि शाकिब को साक्ष्यों के अभाव में बरी कर दिया। वहीं रिजवान फरार चल रहा है।