चंदौसी। कोतवाली क्षेत्र की नाबालिग छात्रा का अपहरण करने और दुष्कर्म के मामले में न्यायालय ने दोषी को 13 वर्ष के कारावास और 59,000 रुपये के जुर्माने से दंडित किया है।
कोतवाली चंदौसी क्षेत्र के एक गांव निवासी पीड़ित पिता ने तहरीर देकर पुलिस को बताया था कि उसकी नाबालिग पुत्री कक्षा 12 की छात्रा है। 15 जून 2019 की सुबह 10 बजे करीब वह गांव से दवा लेने के लिए चंदौसी आई थी लेकिन लौटी नहीं। उसने रिश्तेदारियों और अन्य जगहों पर जानकारी की तो पता चला कि उसकी पुत्री को जनपद बदायूं निवासी युवक दो अन्य साथियों के साथ उठा कर ले गया है।
करीब नौ माह बाद पुलिस ने छात्रा को ढूंढ लिया। पुलिस ने विवेचना के बाद आरोपी पप्पू निवासी गांव रुदायन मोहल्ला पछाया थाना इस्लामनगर जनपद बदायूं के खिलाफ न्यायालय में आरोपपत्र दाखिल कर दिया। छात्रा ने बयान दिया कि वह 15 जून 2019 को दवा लेने चंदौसी आई थी। वहां उसे एक परिचित युवक मिला। उसकी दी हुई बर्फी खाते ही वह बेहोश हो गई।
होश आने पर देखा कि उसे चारपहिया गाड़ी से पंजाब ले जाया जा रहा था। पंजाब में उसे पप्पू नाम के व्यक्ति के पास छोड़ दिया गया। पप्पू ने उसे बताया कि उसने 50 हजार रुपये में उसे खरीदा है। पप्पू ने जबरदस्ती उससे शादी कर ली और संबंध बनाए। घटना के समय उसकी उम्र 17 वर्ष थी। मुकदमे की सुनवाई विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश अवधेश कुमार सिंह के न्यायालय में हुई। न्यायालय ने पप्पू को दोषी करार देते 13 वर्ष के कारावास और 59000 रुपये के अर्थदंड से दंडित किया।