फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

ईंट भट्ठे पर धधकती आग में गिरकर भट्ठा मालिक की मौत

विज्ञापन
यही है हादसा स्थल- पत्थर का पटिया टूटने से ईंट भट्ठे के इसी चैंबर में जलती आग में गिरे थे भट्ठा माल? - फोटो : SAMBHAL
विज्ञापन
संभल। ईंट भट्ठे में आग के चैंबर को ढकने के लिए रखा पत्थर टूटने से भट्ठा मालिक जलती हुई आग में गिर गए। कुछ ही पलों में उनका शरीर जल गया। जान चली गई। यह हादसा रजपुरा थाना क्षेत्र के गांव सिंहदलनपुर गांव स्थित ईंट भट्ठे पर बुधवार की रात करीब 9.30 बजे हुआ।
विज्ञापन

सिंहदलनपुर निवासी नरेश यादव (45) का ईंट भट्ठा लहरारत्तू गांव में है लेकिन उनके मित्र धर्मपाल ने गांव में ही ईंट भट्ठा लगाया है। दोस्त के भट्ठे पर ईंट सही तरीके से नहीं पक पा रही थी। मित्र के भट्ठे के ठेेकेदार इमरतलाल ने यह जानकारी नरेश यादव को दी। नरेश यादव लहरारत्तू में अपने ईंट भट्ठे पर थे। नरेश सिंहदलनपुर अपने मित्र के ईंट भट्ठे पर यह देखने गए थे कि ईंटों में आंच कम ज्यादा क्यों हो रही है। वह चिमनी के करीब उन चैंबरों को देख रहे थे जिनमें आग जल रही थी। नरेश यादव के सबसे करीब में इमरतलाल थे। जब अचानक चैंबर को ढकने के लिए रखा पत्थर टूटा तो नरेश यादव उसमें गिर गए। हादसा इमरतलाल की चीख निकल गई। चीख सुनकर ईंट भट्ठे पर मौजूद उनका भतीजा सत्यभान घबरा गया। आसपास के मजदूर दौड़े पर आग विकराल थी। हर कोई लाचार था। चैंबर में कोई उतर नहीं सकता था। भतीजा दौड़कर गांव आया। उसने परिजनों और गांव वालों को बताया। पुलिस को खबर दी गई।
पुलिस के पहुंचने पर मजदूरों ने चैंबर में पानी डाला। आग कुछ थमी तो ईंधन डालने वाले लोहे के पंजे से नरेश के शव के अवशेष निकाले। नरेश यादव के पिता राजाराम ने घटना को हादसा बताया है। किसी भी रंजिश से इंकार किया है। राजाराम का कहना है नरेश यादव को लहरारत्तू स्थित ईंट भट्ठे से ठेकेदार इमरत लाल सिंहदलनपुर स्थित ईंट भट्टे पर लेकर गया था। इसके बाद रात में हादसा हुआ। रजपुरा के प्रभारी निरीक्षक विद्युत गोयल ने बताया कि इत्तेफाकिया हादसे की सूचना दर्ज की गई है। शव के अवशेष पोस्टमार्टम के लिए भेजे गए हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें