फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

झोलाछाप के उपचार से कोटेदार पति की मौत

Tue, 09 Jan 2018 02:03 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला संभल
विज्ञापन
Docter
विज्ञापन

विज्ञापन
झोलाछाप के उपचार से कोटेदार पति की उस समय मौत हो गई, जबकि वह पड़ोस के गांव में उपचार के लिए गया था और झोलाछाप ने उसे इंजेक्शन लगाया था। मौके पर लोगों की भीड़ लग गई। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल था। सूचना पर पुलिस भी पहुंच गई और घटना की जांच पड़ताल के बाद शव का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया। घटना की तहरीर थाना पुलिस को दी गई है।


सोमवार को दोपहर डेढ़ बजे करीब थाना क्षेत्र के गांव अर्जुनपुर जूना निवासी कोटेदार पति करीब 48 वर्षीय धर्मपाल अपने शरीर में निकली एक फुंसी का इलाज करवाने पड़ोस के गांव आलपुर में एक झोलाछाप के पास गया। भतीजा श्यामबाबू भी साथ था। झोलाछाप ने उसकी फुंसी ठीक करने का आश्वासन देते हुए एक इंजेक्शन लगा दिया।
विज्ञापन


आरोप है कि इंजेक्शन लगाते ही उसकी हालत बिगड़ने लगी और वह लड़खड़ाकर नीचे गिर गया। कोई कुछ समझ पाता, इससे पहले ही उसने दम तोड़ दिया। भतीजे ने आनन-फानन परिजनों को सूचना दी। परिजन भी मौके पर पहुंच गए। परिजन आनन-फानन कोटेदार को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में लेकर आए, जहां चिकित्सक ने कोटेदार को मृत घोषित कर दिया। परिजनों के मुताबिक झोलाछाप अपने क्लीनिक पर ताला लगाकर फरार हो गया। घटना की तहरीर थाना पुलिस को दी गई है। कोतवाल ब्रजमोहन गिरि ने बताया कि कोटेदार के शव का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम को भेजा गया है। तहरीर मिलने पर आगे की कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।

परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़
बहजोई। कोटेदार की मौत से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूटा है। ग्रामीणों का कहना था कि कोटेदार के तीन बेटे व तीन बेटी हैं। पत्नी अनारदेई समेत परिजन गमगीन रहे।

पूर्व प्रधानपति भी था कोटेदार
बहजोई। मृतक कोटेदार पूर्व प्रधानपति भी था। बीते समय उसकी पत्नी अनारदेई ग्राम प्रधान रही थी। कोटेदार को देखने के लिए आसपास के ग्रामीण अंचलों से भी लोग अस्पताल में पहुंचे।
विज्ञापन


पहले भी हो चुकी हैं झोलाछाप के उपचार से मौतें
बहजोई। झोलाछाप के उपचार से मौतें होने के मामले पहले भी आ चुके हैं। प्रभावी कार्रवाई के अभाव में झोलाछाप दिन व दिन बढ़ रहे हैं और झोलाछाप के उपचार से आए दिन लोगों को अपनी जान गंवानी पड़ रही है। मुख्य चिकित्साधिकारी डा. अमिता सिंह का कहना था कि अभी मामला संज्ञान में आया है। क्वैक्स के नोडल अधिकारी को निर्देशित किया जाएगा, कि पूरे मामले में जांच कर प्रभारी कार्रवाई करें।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें