कंधे से गिरते ही बंदूक से हुआ फायर
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जिसे मां मृत समझकर खेत में फेंक आई थी वो मासूम कुछ देर में रोई तो आसपास के लोगों की नजर गई और उसे बचा लिया गया।
असमोली थाना क्षेत्र के एक गांव निवासी एक ग्रामीण की शादी 8 वर्ष पहले हुई थी। आठ वर्ष के वैवाहिक जीवन में महिला ने तीन बच्चों को जन्म दिया। एक बेटी दो माह पहले ही हुई थी। परिजनों के बताए पर यकीन करें तो महिला दिमागी तौर पर सक्षम नहीं है और कई बार अजीब तरह की हरकतें करती है।
मंगलवार को सुबह वह दो माह की बेटी को गोद में लेकर घर से निकल गई। खेत में पहुंचकर उसने मासूम बेटी का गला दबाया। मृत समझकर उसे खेत में फेंक आई। दोहपर एक बजे असमोली के एक युवक को खेत से किसी बच्चे के रोने की आवाज आई। पास में जाकर देखा तो मासूम पड़ी थी और रो रही थी। युवक ने यह सूचना पुलिस को दे दी। पुलिस तत्काल मौके पर पहुंच गई। पुलिस मासूम को उठाकर असमोली के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लेकर आई। कुछ देर उपचार के बाद मासूम सही हो गई। तभी असमोली क्षेत्र का एक सैन्यकर्मी अस्पताल पहुंचा और बच्ची को गोद लेने की बात कहने लगा।
पुलिस ने सैन्य कर्मी के हाथो में मासूम को सौंपने की तैयारी की तब तक महिला का पति थाने पहुंच गया। उसने थाना प्रभारी से कहा कि उनकी पत्नी मंदबुद्धि है। वह बेटी को खेत में फेंक आई है। उप निरीक्षक नौबहार ने मौके पर जांच के बाद बताया कि मासूम के गले पर निशान थे। उसे मरा हुआ समझ कर फेंका गया था। मासूम की किस्मत अच्छी थी कि उसकी जान बच गई। परिस्थिति को देखते हुए फिलहाल मासूम बेटी को सैन्यकर्मी की सुपुर्दगी में दिया गया है। बेटी के पिता से कहा है कि वह बुधवार को अपने गांव के ग्राम प्रधान व पत्नी को साथ लेकर थाने आए। इसके बाद उसकी बेटी उसे सौंपी जाएगी।