गणेश चतुर्थी पर निकलने वाली भगवान गजानन की रथयात्रा को लेकर स्वचालित झांकियां तैयार करने का कार्य प्रारंभ कर दिया गया है। व्यापारी और छात्र रात नौ बजे से एक बजे तक झांकियां बनाने का कार्य कर रहे हैं। यह अपनी सेवाएं पिछले काफी वर्षों से निशुल्क देते आ रहे हैं। इस बार कोरोना पाबंदी हटने पर दो वर्ष बाद रथयात्रा निकल रही है। इससे झांकियां तैयार करने वाले कलाकारों में विशेष उत्साह नजर आ रहा है। 31 अगस्त को गणेश चतुर्थी पर रथयात्रा निकाली जाएगी।
कोरोना महामारी के कारण पिछले दो वर्ष से गणेश चतुर्थी पर न तो भगवान गजानन की रथयात्रा नहीं निकाली गई और न ही गणेश चौथ मेले का आयोजन हुआ। संक्रमण कम होने से कोरोना से पाबंदी हटने के बाद इस बार रथयात्रा व गणेश मेले का आयोजन किया जा रहा है। 29 अगस्त से मेले का आयोजन किया जाएगा तथा 31 अगस्त को रथयात्रा निकाली जाएगी। रथयात्रा को लेकर सीता रोड स्थित गणेश मंदिर के सामने विनायक विहार में स्वचालित झांकियों को बनाने का कार्य 15 जून से प्रारंभ कर दिया गया है। व्यापारी दिन भर दुकानदारी के बाद रात नौ बजे झांकियां बनाने में जुट जाते हैं। वहीं छात्र भी दिन में कालेज व ट्यूशन के बाद रात में झांकियां बनाते हैं। झांकियों का निर्माण कराने में बिजली दुकानदार संचालक अजय आर्य, सराफा व्यवसायी मोहन लाल रस्तोगी, प्लास्टिक रस्सी व्यवसायी सुशील, कांफेक्शनरी व्यवसायी विक्की चौधरी, किराना व्यापारी आशुतोष वार्ष्णेय, मिष्ठान्न विक्रेता बॉबी अग्रवाल व हीरा लाल के अलावा छात्रों में दीपेश वार्ष्णेय, शुभम अग्रवाल, यश अग्रवाल, नितिन कुमार, विनायक आर्य, रचित कुमार, नौकरीपेशा यश अग्रवाल, आशु रस्तोगी शामिल हैं। इसके अलावा हार्दिक गुप्ता, सोनू कुमार, जितेंद्र वार्ष्णेय, ज्ञानेंद्र वार्ष्णेय, संजीव राजा, राजीव कश्यप आदि अन्य कई व्यापारी, छात्र व नौकरी पेशा युवक व व्यक्ति निशुल्क झांकियां बनाने में जुटे हैं।
दो वर्ष में हो चुका है गणेश संस्थापक सहित नौ सदस्यों का निधन
चंदौसी। पिछले दो साल में मेला परिषद व स्वचालित झांकियां बनाने वाले कलाकारों में से नौ लोगों का निधन हो चुका है। इसमें गणेश चौथ मेले संस्थापक डा. गिरिराज किशोर भी शामिल हैं। डा. गिरिराज किशोर की 90 वर्ष की आयु में 23 दिसंबर 2021 को आकस्मिक निधन हो गया था। इसके अलावा झांकी डायरेक्टर केशव देव वार्ष्णेय व किशन लाल, गणेश मेला कमेटी के सदस्य रतन नंदन, ओम नंदन व लाल मोहम्मद शास्त्री, पोशाक दर्जी पप्पू कुमार, झांकियों के ढांचे तैयार करने वाले हामिद मियां, झांकी बनाने वाले अल्लाह नूर आदि शामिल हैं।
15 अगस्त से 24 घंटे बनेंगी झांकियां
चंदौसी। गणेश मेला परिषद के डायरेक्टर ललित किशोर गुप्ता ने बताया कि फिलहाल रात नौ बजे से एक बजे तक रथयात्रा की स्वचालित झांकियों को बनाने का कार्य किया जा रहा है। एक अगस्त से रात एक बजे से बढ़ाकर तीन बजे तक कर दिया जाएगा। 15 अगस्त से कलाकार 24 घंटे झांकियों को बनाने में जुट जाएंगे। 31 अगस्त को निकलने वाली रथयात्रा के लिए भी झांकियाें की साज सज्जा की जा रही है। उन्होंने बताया कि कलाकार कई वर्षों से निशुल्क झाकियां बनाने का कार्य कर रहे हैं। उनके खानपान की व्यवस्था मेला परिषद द्वारा कराई जाती है।
पिछले 35 वर्षों से तैयार कर रहे झांकी
चंदौसी। निशुल्क स्वचलित झांकी तैयार करने वाले कलाकार व मिष्ठान विक्रेता हीरा लाल ने बताया कि वह पिछले 35 वर्षों से रथयात्रा में निकलने वाली स्वचलित झांकियां बनाने का कार्य कर रहे हैं। वह 35 वर्षों से वह गणेश भगवान की वेशभूषा में सजकर नरांतक वध करते हैं। उन्होंने बताया कि कोरोना संक्रमण के दौरान रथयात्रा नहीं निकाली गई थी जिससे सभी कलाकार काफी मायूस हुए थे। अब कोरोना पाबंदी हटने के बाद रथयात्रा निकाली जा रही है। इससे सभी कलाकारों पूरे मनोयोग से स्वचलित झांकियां बनाने में जुटे हैं।
नौ सितंबर को प्रतिमा का राजघाट नरौरा में होगा विसर्जन
चंदौसी। मेला गणेश चौथ के दौरान होने वाले कार्यक्रम की रूपरेखा तैयार कर दी गई है। गणेश चौथ मेले का आयोजन 29 अगस्त से 17 सितंबर तक रहेगा। इसमें महिलाओं द्वारा हरे रामा हरे कृष्णा संकीर्तन का आयोजन 21 से 28 अगस्त तक दोपहर दो बजे से किया जाएगा। इसके अलावा 29 अगस्त को द्वार पूजन व सांस्कृतिक कार्यक्रम तथा प्रभु गणेश जी का फूल डोला, भव्य मेले का उद्घाटन, सर्वधर्म प्रतिनिधियों द्वारा देवी जागरण, 30 अगस्त को शिव विवाह, 31 अगस्त की सुबह गणेश मंदिर पर प्रभु गणेश का हवन सहित उक्त कार्यक्रम गणेश मंदिर में होंगे। इसके बाद 31 अगस्त की शाम को महापूजन तथा शाम को रथयात्रा का नगर भ्रमण होगा। एक सितंबर को मेला ग्राउंड में एक शाम शिव पिता के नाम, दो व तीन को मेला ग्राउंट में अंताक्षरी प्रतियोगिता, चार को मेला ग्राउंट में चित्रकला व अंताक्षरी प्रतियोगिता का फाइनल, पांच को मेला ग्राउंड में ग्रुप डांस प्रतियोगिता, छह को मेला ग्राउंट में अखिल भारतीय कवि सम्मेलन, सात को जीके सिल्वर स्टोन स्कूल में दिव्यांगजन सम्मान समारोह व कैरम प्रतियोगिता, आठ को नरांतक वध व कैरम प्रतियोगिता, नौ को मेला ग्राउंड में गणपति प्रतिमा विसर्जन राजघाट नरौरा में व कैरम प्रतियोगिता, दस को मेला ग्राउंड में सांस्कृतिक कार्यक्रम व मेहंदी प्रतियोगिता, 11 को मेला ग्राउंड में युगल गायन प्रतियोगिता, 12 को मेला ग्राउंड में युगल नृत्य प्रतियोगिता व रस्साकशी प्रतियोगिता, 13 को मेला ग्राउंड में फैंसी ड्रेस प्रतियोगिता व शतरंज प्रतियोगिता, 14 को मेला ग्राउंड में महिमा खाटूश्याम व शतरंज प्रतियोगिता, 15 को मेला ग्राउंड में कव्वाली व शतरंज प्रतियोगिता, 16 को मेला ग्राउंट चादर शरीफ व एक शाम वालीवुड के नाम तथा 17 सितंबर को मेला ग्राउंड में गणेश मेला के समापन पर पुरस्कार वितरण किया जाएगा।