संभल जिला सूखे की जद में है। इस बार सामान्य से बहुत कम 160 मिलीमीटर बारिश रिकॉर्ड की गई है। शासन ने जिले में बारिश न होने से फसल नुकसान का सर्वे कराने के निर्देश दिए हैं। कृषि विभाग और लेखपाल सर्वे कर रहे हैं। रिपोर्ट कृषि विभाग 14 सितंबर तक शासन को भेजेगा। सर्वे शुरू होने से किसानों में नुकसान की भरपाई की आस जगी है।
संभल जिले में खरीफ की फसल में प्रमुख रूप से धान, मक्का, उड़द, मूंग, बाजरा, तिल होती है। इनके अलावा गन्ना भी प्रमुख फसल है। जून, जुलाई, अगस्त माह में इस वर्ष मात्र 160 मिलीमीटर बारिश हुई है। कृषि विभाग के अधिकारियों के मुताबिक इन तीनों माह में 500 मिलीमीटर बारिश को सामान्य माना जाता है। इससे कम बारिश के क्षेत्र को सूखा प्रभावित माना जाता है। एक तिहाई बारिश होने से खरीफ की फसलों को भारी नुकसान हैं। शासन ने प्रशासन को सर्वे कराने के निर्देश दिए हैं। जिले में खरीफ व गन्ने की फसल करीब 1.93 लाख हेक्टेयर फसल का सर्वे किया जा रहा है। सर्वे के लिए कृषि विभाग के कर्मचारी और लेखपाल गांव जाकर रिपोर्ट तैयार कर रहे हैं। रिपोर्ट के आधार पर शासन स्तर से किसानों को सूखे से हुए नुकसान में मदद की आस है।
इन फसलों का होना है सर्वे
संभल में खरीफ की प्रमुख फसलों में धान, मक्का, उड़द, मूंग, बाजरा, तिल शामिल हैं। इनमें 40 हजार हेक्टेयर में धान फसल की रोपाई की गई है। जिले में वर्तमान में करीब 53 हजार हेक्टेयर में गन्ने की फसल भी खड़ी है।
कम बारिश के चलते जिला सूखा प्रभावित है। शासन के निर्देश पर खरीफ की फसल का सर्वे कराया जा रहा है। अभी पूरा नहीं हुआ है। 14 सितंबर सर्वे पूरा करके शासन को रिपोर्ट भेज दी जाएगी।
- ओंकार सिंह, जिला कृषि अधिकारी संभल