गुन्नाैर पुलिस ने 18 दिन की भागदौड़ के बाद जाली नोट छापकर बाजार में खपाने वाले गिरोह के सरगना को दबोच लिया। उसे पुलिस ने आगरा से गिरफ्तार किया है। इसके पास से नोट छापने की मशीन, नकली करेंसी बरामद हुई है। कार्रवाई के बाद आरोपी को पुलिस ने न्यायालय में पेश किया।
न्यायालय ने आरोपी से पूछताछ के लिए पुलिस को 14 दिन की रिमांड दी है। अब पुलिस आरोपी की मदद से गोरखधंधे की जड़ों तक पहुंचने का प्रयास करेंगी। गुन्नाैर पुलिस ने 9 दिसंबर को नकली करेंसी बाजार में खपाने वाले अंतरराज्यीय गिरोह का भंडाफोड़ किया था। पुलिस ने गोरख धंधे में शामिल आरोपी सुखवीर, नीरज, राजेंद्र, योगेंद्र, सचिन, मनोज और नरेंद्र को नकली नोटों सहित गिरफ्तार किया था।
गिरोह का सरगना योगेश उर्फ करूआ पुलिस को चकमा दे भागने में सफल रहा था। पुलिस ने गिरफ्तारी का खुलासा कर, आरोपी को जेल भेज दिया था। अगले दिन गिरोह के एक ओर सदस्य सोनू को गिरफ्तार किया गया था। उसे भी पुलिस जेल भेज चुकी है। इसके बाद से लगातार पुलिस गिरोह के सरगना को पकड़ने के फिराक में लगी थी।
कई जगह पुलिस ने आरोपी की गिरफ्तारी के लिए दबिश दी। हर बार आरोपी पुलिस के चुंगल से बच निकलता। प्रभारी संजीव बालियान ने बताया कि मंगलवार को पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली कि नकली नोट छापने वाले गिरोह का फरार सरगना आगरा के बमरौली में छुपा है।
इसके बाद आरोपी को पकड़ने के लिए उपनिरीक्षक सत्यदेव सिंह की अगुवाई में पुलिस टीम गठित की गई। योजना के तहत पुलिस ने आगरा के बमरौली स्थित नीरज बघेल के मकान में छापा मारा। यहां आरोपी योगेश उर्फ करूआ एक कमरे में रंगीन प्रिंटर से नकली नोट छाप रहा था। पुलिस ने मौके पर ही आरोपी को दबोच लिया। इसके बाद से न्यायालय में पेश किया। कोर्ट ने पूछताछ के लिए 14 दिन की रिमांड दी है।
आठ हजार की नकली करेंसी बरामद
पुलिस ने गिरोह के सरगना योगेश उर्फ करूआ को आगरा से गिरफ्तार कर लिया। आरोपी आगरा के बमरौली में एक मकान में प्रिंटर से नकली नोट छाप रहा था। पुलिस ने मौके से 8000 की नकली करेंसी, दो प्लेन पेपर पर 200 रुपये छपे नोट, रंगीन प्रिंटर, नोट छापने वाले 15 सादा पेपर आदि बरामद किए हैं।