असमोली थाना क्षेत्र के ओबरी गांव निवासी राबिक हुसैन की पांच साल की बेटी रहनुमा बुधवार को घर के बाहर खेल रही थी। बच्ची के हाथ में गेंद थी। इसी दौरान कुत्तों का झुंड पहुंच गया। कुत्तों ने बच्ची को अकेला देखकर उस पर हमला बोल दिया। उसे नोच डाला। बच्ची की चीख पुकार सुनकर लोग घरों से निकल कर दौड़े। डंडे लेकर कुत्तों को खदेड़ा और बच्ची को कुत्तों से बचाया। तब तक बच्ची लहूलुहान हो चुकी थी। इसके बाद घर वाले बच्ची को लेकर पाकबडा के निजी अस्पताल में गए।
असमोली क्षेत्र के ही मलकपुरनवादा गांव निवासी जुल्फिकार अहमद की ओबरी गांव में कपड़े की दुकान है। उनकी 8 बर्षीय बेटी गुलफ्शा को बुधवार को ओबरी गांव में पिता को कपडे की दुकान पर खाना पहुंचाने निकली थी।
ओबरी गांव के समीप ही सरसों के खेत में छुपे बैठे कुत्तों के झुंड ने बच्ची पर हमला बोल दिया। कुछ दूरी पर गन्ने के खेत की रखवाली कर रहे मलकपुरनवादा गांव निवासी मुस्तकीम अहमद ने बच्ची की चीख सुनी तो वह डंडा लेक दौड़ पडे। कुत्तों को भगाया। बच्ची को लहूलुहान हालत में उठाया। परिजनों को खबर दी।
इसके बाद गंभीर अवस्था में घायल बच्ची को मुरादाबाद के सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। एसडीएम आरपी यादव ने बताया कि खूंखार कुत्तों के हमलों के बारे में उन्हें जानकारी नहीं है। लेकिन यदि घटना हुई है तो वह कुत्तों को पकड़वाने के लिए कार्रवाई होगी।