चंदौसी में बुधवार की सुबह दस बजे कोहरे में हेड लाइट जलाकर चलते वाहन
- फोटो : ब्यूरो/अमर उजाला संभल
मंगलवार के बाद बुधवार को धुंध से हालात बदले नजर आए। आसमान पर तनी धुंध की चादर ने लोगों की दुश्वारियां बढ़ा दीं। अचानक आए बदलाव से वाहनों को लाइट जलाकर चलाना पड़ा। वहीं बच्चों को स्कूल जाने में परेशानी का सामना करना पर रहा है। छात्रों ने जिलाधिकारी से स्कूल को बंद करवाने की मांग की।
तापमान में अचानक गिरावट आने से ठंड ने दस्तक दी है। शाम तीन बजे के बाद से ही फिर हालात सुबह जैसे हो गए। शाम ढलने के बाद धुंध के कारण लोगों को थोड़ी दूर तक देखने में मुश्किलें हुईं। आसमान में कोहरे व धुंध छा जाने से मौसम में सिहरन बढ़ गई है। तड़के में पारे का स्तर गिर गया है। हाइवे समेत मुख्य मार्गों पर वाहन दिन में लाइट जलाकर बहुत धीमी गति से चले। दोपहर में भी सूर्यदेव नही निकले। धुंध के कारण लोगों को सांस लेने में भी काफी तकलीफ महसूस हुई। दिन ढलने के बाद अचानक ठंड बढ़ी तो लोगों को गर्म कपड़े निकाल लिए। डा.इरफान ने बताया कि ऐसे माहौल में बच्चों को बचाना बहुत जरूरी है। हल्की ठंड के दौरान लापरवाही पर बच्चों को ज्यादा दिक्कत हो सकती है।
मंगलवार की रात यातायात ठहरा रहा। रोडवेेज की बसें भी चार से छह घंटे विलंब से अपने गंतव्य स्थानों को पहुंच सकी। धुंध का आलम यह था कि बस व ट्रैफिक अन्य लंबी दूरी वाले चालकों को अपने वाहनों को रोड के किनारे खड़े कर देने पडे़। बदायूं, दिल्ली जाने वाली बसों के यात्रियों को तो पूरी रात ही बसों में गुजारनी पड़ी। बुधवार को सुबह भी दस बजे तक वाहन चालकों को हेड लाइट जलाकर चलना पड़ा।
मौसम ने अपना मिजाज बुधवार को भी मंगलवार जैसा ही रखा। जिसका सर्वाधिक असर यातायात व्यवस्था पर दिखा। ट्रैफिक व्यवस्था लगभग चौपट हो गई। मंगलवार की रात्रि नौ बजे ही कोहरा धुंध हो गया था। जिसके कारण वाहन फंस गए। हाइवे व अन्य मार्गों पर वाहन रेंगने लगे। रातभर धुंध लगातार गहराता रहा। इस कारण अधिकांश लंबी दूरी के वाहन जहां तहां रोड के किनारे खड़े नजर आए। रोडवेज बसों की मजबूरी थी लेकिन रेंगते हुए किसी तरह दस से बीस किमी प्रति घंटा की रफ्तार से चलती रही।
गुन्नौर क्षेत्र में भी बुधवार को दिन निकलते ही धुंध की चादर तन गई। कोहरा अधिक होने के कारण धुंध की रफ्तार पर ब्रेक लग गया। मौसम में भी पहले के मुकाबले ठंडक दिखी। बुधवार को लोग गर्म कपड़ों में दिखाई दिए।