चंदौसी। मुरादाबाद-आगरा हाईवे पर राधा गोविंद इंस्टीट्यूट के पास हुए हादसे ने शाजे आलम की मौत से खैरूलनिशा की दुनिया ही उजड़ गई। सवा साल पहले जीवन भर की खुशियों के सपने संजोकर आई खैरुलनिशा बदहवास हालत में है। दुनिया देखने से पहले ही मां के गर्भ में पल रहे पांच माह के शिशु के सिर से पिता का साया उठ गया है।
नरौली के मोहल्ला मुल्लाना निवासी शाजे आलम का निकाह सवा साल पहले संभल निवासी खैरुलनिशा के साथ हुआ था। शाजे आलम हिमाचल के शिमला शहर में बड़े भाई के साथ फर्नीचर का काम करता था। शाजेआलम, पत्नी व परिवार के साथ खुश था। मोहर्रम मनाने और परिवार से मिलने के लिए शाजे आलम तीन दिन पहले ही शिमला से घर आया था। किसी को क्या पता था कि उनकी खुशियों को ग्रहण लगने वाला है। हादसे ने पूरे परिवार की खुशियां छीन ली। पहले घर पर महिलाओं को हादसे की जानकारी नहीं दी गई। धीरे धीरे लोगों का घर पर आना हुआ तो घटना का पता चला। पति की मौत की खबर मिलते ही खैरुलनिशा बदहवास हो गई। उसकी आवाज तक निकलनी बंद हो गई। मानाे उसकी दुनिया में अंधेरा छा गया। हर कोई खैरुलनिशा के गर्भ में पल रहे बच्चे के बारे में सो रहा है।