नियमों का पालन नहीं कर लेवल वन के चिकित्सकों को जिले की चार सीएचसी पर चार्ज दिया गया है। इसमें एक चिकित्सक की मूल तैनाती मुरादाबाद जिले के बिलारी में है और उन्हें संभल जिले में संबद्ध किया गया था। उन्हें भी सीएचसी का चार्ज थमा दिया गया जबकि शासन की ओर से संबद्धता को खत्म कर दिया गया था। इसके बाद भी संभल जिले में संबद्धता को खत्म नहीं किया गया।
सीएमओ का कहना है कि उन्होंने मंडल स्तर पर पत्र भेजा है। वहीं से संबद्ध किया गया था। सीएमओ ने लेवल वन के चिकित्सकों की तैनाती को लेकर कहा कि चिकित्सकों की कमी है। इसलिए लेवल वन के वरिष्ठ चिकित्सकों को तैनाती है। सूत्रों की माने तो लेवल थ्री के चिकित्सक जिले में हैं लेकिन उन्हें चार्ज मिला नहीं।
संभल जिले में लेवल थ्री के स्थान पर लेवल वन को चार्ज दे दिया। जहां यह चार्ज दिया गया है उसमें बहजोई, रजपुरा, असमोली और संभल के सीएचसी शामिल हैं। संबद्ध चिकित्सक को चार्ज दिए जाने के मामले को जिलाधिकारी ने संज्ञान लेने की बात कही है।
शासन ने डिप्टी सीएमओ के पद तैनाती दी, चार्ज सीएचसी का चला रहे
संभल। जुनावई सीएचसी के प्रभारी की जिम्मेदारी निभा रहे देवेंद्र कुमार को शासन की ओर से डिप्टी सीएमओ के पद पर तैनाती दी थी। उन्हें संभल जिले में आते ही अगस्त के दूसरे सप्ताह में सीएचसी का चार्ज दे दिया। जबकि नियमानुसार उन्हें उनकी मूल तैनाती पर ही कार्य करना था। सीएमओ का कहना है कि जुनावई का चार्ज कोई लेने का तैयार नहीं था। इसलिए उन्हें भेज दिया।
हमारे जिले में लेवल थ्री के डॉक्टर की कमी है। इसलिए जो लेवल वन के सीनियर हैं उन्हें चार्ज दिया गया है। रजपुरा सीएचसी के प्रभारी मंडल स्तर से संबद्ध है। उनकी जानकारी मंडल स्तर पर पत्र लिखा गया है। अब जो आदेश मिलेगा उसके मुताबिक कार्रवाई की जाएगी।
डा. तरन्नुम रजा, सीएमओ, संभल
संबद्धता खत्म की गई है। जो डॉक्टर संबद्ध हैं और उनको चार्ज दिया गया है। इसको दिखवाते हैं। हमारे जिले में डॉक्टर की कमी है। इसलिए प्राथमिकता रहती है कि जो सही काम कर सकें उन्हें चार्ज दिया जाए।
मनीष बंसल, जिलाधिकारी, संभल