जिन्हें महिला पुलिस ने हटाने की कोशिश की लेकिन छात्राएं हम कन्या विद्याधन से वंचित हैं, स्लोगन लिखी पट्टी को हाथ में थामकर कार के आगे बैठ गईं। हालांकि बाद में समझाने के लिए उन्होंने कैबिनेट मंत्री व डीएम से वार्ता की। जिन्हें अश्वासन दिया गया कि उनका नाम आगामी समय में एक प्रस्ताव में भेज दिया जाएगा।
बजहोई के इंटरमीडिएट कालेज से इंटर करने वाली छात्राएं आंचल वार्ष्णेय, मंजू कुमारी, उमा, नेहा व राशिका ने बताया कि उनसे कम अंक पाने वालों को चेक मिल गए जबकि उन्हें अपात्र माना गया है। वहीं डीआइओएस ने बताया कि जिन छात्राओं ने व्यवसायिक शिक्षा से इंटर पास किया है उन्हें इस योजना में शामिल नहीं किया गया है।