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कल्कि विष्णु मंदिर: 250 वर्ष पहले अहिल्याबाई होलकर ट्रस्ट ने कराया था जीर्णोद्धार, दीवार-गुंबद में अनूठी कला

Mon, 23 Dec 2024 04:26 PM IST
विमल शर्मा संवाद न्यूज एजेंसी, संभल

सार

संभल के प्राचीन कल्कि विष्णु मंदिर की देखभाल 250 वर्षों से अहिल्याबाई होलकर ट्रस्ट कर रहा है। मंदिर के पुजारी महेंद्र शर्मा ने एएसआई से संरक्षण की मांग की है। बताया कि यह अष्ट कोणीय मंदिर मां लक्ष्मी का निवास माना जाता है।
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संभल का प्राचीन कल्कि विष्णु मंदिर - फोटो : संवाद
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विस्तार
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संभल के प्राचीन कल्कि विष्णु मंदिर की देखभाल 250 वर्ष से मध्य प्रदेश के अहिल्याबाई होलकर ट्रस्ट द्वारा की जा रही है। यह मंदिर इससे भी कहीं ज्यादा पहले से स्थापित है। यदि इस मंदिर की गहराई से जांच कराई जाए तो इसका काल निर्धारण किया जा सकता है। यह कहना है कल्कि विष्णु मंदिर के पुजारी पं. महेंद्र शर्मा का।

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वह एएसआई से संरक्षण की मांग कर रहे हैं। मोहल्ला कोटगर्वी में स्थित प्राचीन कल्कि विष्णु मंदिर के पुजारी महेंद्र शर्मा मंदिर का जिम्मा संभालने वाले परिवार की दसवीं पीढ़ी के सदस्य हैं। पुजारी के बेटे अनुज शर्मा ने बताया कि उनके बुजुर्ग ही महारानी अहिल्याबाई होलकर के राज ज्योतिषी थे।

अनुज शर्मा का कहना है कि 250 वर्ष पहले अहिल्याबाई होलकर ट्रस्ट ने इस मंदिर का जीर्णोद्धार कराया था और इसके बाद ही उनके परिवार को मंदिर में पुजारी बनाया गया था। बताया कि यह मंदिर कब स्थापित हुआ होगा इसके बारे में कुछ कहा नहीं जा सकता है। बताया कि यह कल्कि विष्णु मंदिर अष्ट कोणीय है। जो मां लक्ष्मी का निवास माना जाता है।

जामा मस्जिद व फिरोजपुर किले का संरक्षण करती है एएसआई

संभल की ऐतिहासिक धरोहर जामा मस्जिद व फिरोजपुर किले का संरक्षण एएसआई द्वारा किया जाता है। समय-समय पर टीम मेरठ या आगरा से आती रहती हैं। प्राचीन कल्कि विष्णु मंदिर के संरक्षण के लिए मांग लगातार उठती है। पं. महेंद्र शर्मा का कहना है कि 150 वर्ष से ज्यादा पुरानी तमाम इमारतों का संरक्षण एएसआई द्वारा किया जाता है।

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कल्कि विष्णु मंदिर के संरक्षण के लिए कई बार मांग उठा चुके हैं। प्राचीन मंदिर होने के बाद भी एएसअाई का संरक्षण नहीं दिया गया है। बताया कि एक बार टीम आई थी लेकिन जानकारी कर लौट गई थी।

दीवार और गुंबद पर अनूठी रचात्मकता

मंदिर परिसर में बनी दीवारों और मंदिर के गुंबद की अनूठी बनावट है। सर्वे करने आई टीम ने इसे भी बारीकी से देखा था और फोटो व वीडियो बनाकर ले गए हैं। जिससे इस बनावट पर शोध किया जा सके। मंदिर के पुजारी का कहना है कि उन्होंने गुंबद के स्वरूप को बदलने के लिए प्रयास नहीं किया है। बल्कि इसको संरक्षित किए जाने के लिए मांग उठाई है। बताया कि जो गुंबद परिसर में बना है उसकी बनावट सुदर्शन चक्र की तरह है।

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कलियुग में भगवान कल्कि का अवतरण संभल में होगा

कल्कि विष्णु मंदिर के पुजारी महेंद्र शर्मा ने कहा कि कलियुग चल रहा है। इसी युग में भगवान कलियुग का अवतरण होगा। कहा कि अवतरण भी संभल में होगा। इसका उल्लेख पुराणों में मिलता है। यह कल्कि नगरी है और भगवान अवतरित होंगे। इसके बाद ही पाप और पापियों का नाश होगा।

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