कुछ लोग तनाव में थे? आखिर क्या होगा? यह सवाल उनके जेहन में था। इसे लेकर प्रशासन ने सतर्कता दिखाई। वहीं खुफिया तंत्र भी हिंदू और मुस्लिमों के संगठनों के संपर्क में रहा। राजनीतिक खेमों से भी टोह ली गई। किस संगठन की क्या गतिविधि होने जा रही है? यह जानने के लिए खुफिया तंत्र के कर्मचारी और अधिकारी भी सक्रिय रहे।
वहीं विभिन्न संगठनों ने पक्ष विपक्ष में बयानबाजी की। कांग्रेस के इतरत हुसैन बाबर ने कल्कि धाम को सांप्रदायिक सौहार्द की मिसाल बताया। इसके शिलान्यास पर हायतौबा करने को सियासी ड्रामा करार दिया। मदरसा मौलाना मोहम्मद अली जौहर के प्रबंधक फिरोज खां ने भी कल्कि धाम के समर्थन में बयानबाजी की।
इसी बीच राजनीतिक दलों के स्थानीय नेता कल्कि धाम तक हाजिरी देने भी पहुंचे। कई नेताओं ने श्री कल्कि महोत्सव और आचार्य प्रमोद कृष्णम की सराहना की। सपा के जिलाध्यक्ष फिरोज खां कल्कि धाम पहुंचे लेकिन कल्कि धाम के शिलान्यास से जुड़े सवाल पर वह कन्नी काट गए। उन्होंने कहा कि वह महोत्सव में अपने नेता शिवपाल सिंह यादव के साथ भागीदारी करेंगे। जबकि सपा के दिग्जिवज भाटी ने कल्कि धाम बनाए जाने के पक्ष में बयान दिया। जबकि भाजपा प्रबुद्ध प्रकोष्ठ के विभाग संयोजक संजय सांख्यधर ने कल्कि धाम का विरोध करने वालों को निशाने पर लिया। उन्होंने कहा कि श्री कल्कि धाम यहां नहीं बनेगा तो क्या पाकिस्तान में बनेगा।
श्री कल्कि धाम का शिलान्यास होगा या नहीं? क्या तैयारियां चल रही हैं? यह जानने के लिए शहर के प्रमुख उलमा और मौलाना दिन भर सक्रिय रहे। अपने अपने माध्यमों से जानकारी लेते रहे। कुछ उलमाओं ने प्रशासनिक अधिकारियों से बातचीत की। शहर के प्रमुख मौलाना फैजान अशरफ हामिदी ने कहा कि उन्हें भरोसा है कि प्रशासन शिलान्यास नहीं होने देगा। उन्होंने इस बारे में अधिकारियों से पहले ही बातचीत कर ली है।
संभल में पहले ही बन चुका है कल्कि मंदिर
संभल। भाजपा के स्थानीय नेता संजय सांख्यधर ने कहा कि विरोध करने वाले स्कंद पुराण और श्री कल्कि पुराण को पढ़े हैं। उन्हें ज्ञात हो जाएगा कि श्री कल्कि का जन्म कलिकाल में संभल में होना है। इसीलिए संभल नगर कोटपूर्वी में महारानी अहिल्या बाई होल्कर ने 1763 श्री कल्कि मंदिर का निर्माण कराया जा चुका है। इस तथ्य की जानकारी संभल हिस्टोरिकल सर्वे में भी दी गई है।
कल्किधाम के शिलान्यास के बार में केंद्र सरकार से की जाएगी वार्ता ः साध्वी निरंजन ज्योति
अमरोहा (ब्यूरो)। केंद्रीय राज्यमंत्री साध्वी निरंजन ज्योति ने प्रेसवार्ता के दौरान पूछे के सवाल पर कहा कि कल्किधाम मंदिर के शिलान्यास के संबंध में केंद्र सरकार से बात की जाएगी। यह मंदिर हिंदुओं की आस्था से जुड़ा हैं, मंदिर बनना चाहिए। संभल जनपद के ऐचोड़ा कंबोह में सात नवंबर को कल्किधाम मंदिर को शिलान्यास होने जा रहा है।
इस कार्यक्रम में जम्मू काश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री फारूख अब्दुल्ला, बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव, सपा के प्रदेश अध्यक्ष शिवपाल यादव के साथ धार्मिक क्षेत्र की हस्तियां शिरकत करने आ रही हैं, लेकिन कुछ उलेमा द्वारा इसका विरोध किया जा रहा है। वहीं पूर्व सांसद डा.शफीर्कुरहमान भी इसके विरोध में उतर आए हैं। इसको लेकर सियाशी रसाकसी चल रही है। रविवार को हसनपुर क्षेत्र के मंगरौला में किसान सभा को संबोधित करने के बाद केंद्रीय राज्य मंत्री साध्वी निरंजन ज्योति से जब इस संबंध में पत्रकारों ने पूछ तो वही बोली इस संबंध में केंद्र सरकार से बात की जाएगी। कल्किधाम मंदिर बनना चाहिए। यह हिंदुओं की आस्था से जुड़ा है। पूरे मामले की जानकारी की जा रही है।