आयकर विभाग भी जानकारी जुटाने में लग गया है। सभी बैंकों की समीक्षा बैठक में ब्योरा प्रस्तुत किया जाएगा।
बुधवार को पवांसा स्टेट बैंक शाखा के 26 जनधन खातों को 2.50 लाख रुपये से पांच लाख रुपये तक की धनराशि आने के बाद ब्लॉक कर दिया गया था। अब जिले के करीब सात हजार जनधन खाते आरबीआई के रडार पर आने के बाद ब्लॉक कर दिए गए हैं। प्रधानमंत्री जनधन योजना के तहत खोले गए इन खातों में काला धन खपाने की आशंका पर कार्रवाई अमल में लाई गई है। तीन दिसंबर को आनन-फानन में जिला प्रशासन और सभी बैंक प्रबंधकों की बैठक बुलाई गई है।
समीक्षा बैठक में जनधन खातों का पूरा ब्योरा प्रस्तुत किया जाएगा। आयकर विभाग भी इसे लेकर पूरी तरह सतर्क है। आयकर विभाग बड़ी धनराशि जमा होने वाले खातों की तो डिटेल जुटा ही रहा है। अब जनधन खातों की जमा पर भी निगाह गड़ा दी है। आरबीआई के साथ ही आयकर विभाग भी नोटिस जारी करेगा। जिलाधिकारी भूपेंद्र एस. चौधरी ने सभी बैंकों से ऐसे जनधन खातों का ब्योरा मांगा है जिनमें निर्धारित सीमा 50 हजार रुपये से अधिक जमा हुए हैं। 3 दिसंबर को हर खाते की समीक्षा की जाएगी। हर बैंक के शाखा प्रबंधकों के अलावा जिला प्रशासन के अधिकारी भी समीक्षा बैठक में मौजूद रहेगा।
बड़े शहरों के धनकुबेरों का भी खपा है पैसा
केवल जिले के ही नहीं बल्कि दूसरे शहरों के धनकुबेरों ने भी अपना पैसा छोटे शहरों और ग्रामीण इलाकों के खाताधारकों के खातों में खपाया है। तमाम ऐसे लोग हैं जो दिल्ली, गाजियाबाद, नोएडा और दूसरे बड़े शहरों में काम करते हैं। उन्हें झांसे में लेकर धनकुबेरों में कमीशन पर उनके खातों में पैसा जमा कराया है। अब इन खातों को ब्लॉक किया गया है। खाताधारक से पूछा जाएगा कि उसके खाते में पैसे कहां से आए। उनकी वार्षिक आय का ब्योरा जुटाया जाएगा। तमाम पहलुओं पर जांच शुरू की जाएगी। प्रशासन, बैंक प्रबंधन और आयकर विभाग इसकी तैयारियों में जुट गया है।
ग्राहकों को नहीं मिला कैश, प्रथमा बैंक के बाहर जाम
करेंसी न मिलने पर लगातार ग्राहकों का आक्रोश दिख रहा है। गुरुवार को संभल-बहजोई मार्ग पर प्रथमा बैंक के बाहर गुस्साए ग्राहकों ने करेंसी न मिलने पर जाम लगा दिया। करीब आधा घंटे तक सड़क मार्ग जाम रहा। दोनेां ओर वाहनों की कतार लगी रही। पुलिस ने पहुंचकर जाम खुलवाया।
नोट बंदी के बाद से प्रथमा बैंकों में करेंसी का सबसे अधिक संकट है। जबकि प्रथमा बैंकों से अधिकांश ग्रामीण क्षेत्र के लोग जुड़े हुए है लेकिन नोट बंदी के बाद से प्रथमा बैंक से जुड़े लोगों को करेंसी नहीं मिल रही है। ऐसे में लोगों का सब्र का बांध टूटने लगा है। गुरुवार को प्रथमा बैंक में कैश आया था। ऐसे में लोगों को दो-दो हजार रुपये दिए जा रहे थे लेकिन दो बजे कैश खत्म हो गया। यह जानकारी बैंक के बाहर कतार में लगे लोगों को दी तो वह भड़क गए। महिलाओं ने बैंक के सामने ही संभल बहजोई मार्ग पर जाम लगा दिया।
महिलाओं ने जाम लगाने के बाद केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। सूचना पर पहुंची पुलिस ने महिलाओं को समझा बुझाकर शांत किया। जल्द ही बैंक से नकदी दिलवाने का आश्वासन दिया। इसके बाद भीड़ का गुस्सा शांत हुआ। वहीं जाम के लगने से यातायात की रफ्तार पर ब्रेक लग गया। सड़क के दोनों ओर वाहनों के पहिए थम गए। उधर, जुनावई में एसबीआई बैंक के बाहर लगी लम्बी-लम्बी कतारों में कुछ लोगों के द्वारा महिलाओं की तरफ धक्कामुक्की किये जाने से महिलाओं और बुजुर्गों को दिक्कत हुई। पुलिस को मजबूरी में लाठी भांजनी पड़ी। वहीं देर तक गेट पर खड़े रहने के बाद भी बैंक में कैश खत्म होने को लेकर गुस्साए लोगों ने हाईवे जाम करने की कोशिश की।