संभल। 24 नवंबर को हुए बवाल के मामले में त्रि-सदस्यीय न्यायिक जांच आयोग के सामने जामा मस्जिद इंतजामिया कमेटी के पदाधिकारी सोमवार को बयान दर्ज नहीं कराने पहुंचे। जामा मस्जिद कमेटी के सदर जफर अली एडवोकेट रविवार को गिरफ्तार होने के चलते नहीं गए और अन्य दो सदस्य मशहूद अली फारूकी एडवोकेट और कासिम जमाल एडवोकेट बयान दर्ज कराने के लिए पहुंचे नहीं।
न्यायिक जांच आयोग के सचिव ने संभल एसपी कृष्ण कुमार बिश्नोई को पत्र जारी किया था। जिसमें कहा था कि 11 मार्च को लखनऊ स्थित कार्यालय में जामा मस्जिद इंतजामिया कमेटी के सदर जफर अली एडवोकेट, मशहूद अली फारूकी और कासिम जमाल को उपस्थित होना था लेकिन यह सभी ससमय उपस्थित नहीं हुए।
इसलिए समन को संबंधित को तामील कराते हुए निर्देशित कर दिया जाए कि वे आयोग के समक्ष 24 मार्च को निर्धारित समय पर बयान दर्ज कराएं।
20 मार्च को जामा मस्जिद कमेटी के पदाधिकारियों द्वारा शपथ पत्र तो भेज दिए गए थे लेकिन बयान दर्ज कराने के लिए नहीं पहुंचे। मालूम हो न्यायिक जांच आयोग में रिटायर्ड जज देवेंद्र अरोड़ा अध्यक्ष, पूर्व डीजीपी एके जैन और पूर्व आईएएस अमित मोहन प्रसाद सदस्य हैं। संवाद