चंदौसी। कोरोना महामारी के दौरान उपचार कराने पर बीमा कंपनी ने बहजोई निवासी मुकेश कुमार गाेयल को बहाना बनाकर उपचार का क्लेम देने से इंकार कर दिया था। इस मामले की उन्होंने जिला उपभोक्ता प्रतितोष आयोग में शिकायत की। आयोग ने दोनों पक्षों को सुनने के बीमा कंपनी को आदेश दिए कि वह उपभोक्ता के क्लेम के 64927 रुपये ब्याज सहित भुगतान करें।
अधिवक्ता लव मोहन ने बताया कि बहजोई निवासी मुकेश कुमार गोयल ने स्टार हेल्थ एंड एलाइड इंश्योरेंस कंपनी से वर्ष 2017 में हेल्थ बीमा पॉलिसी ली थी। पॉलिसी में मुकेश गोयल एवं उनकी पत्नी बबीता गोयल सम्मिलित थी। वर्ष 2020 में मुकेश गोयल कोरोना की चपेट में आ गए। उनका उपचार मुरादाबाद के ब्राइट स्टार हॉस्पिटल 21 सितंबर 2020 से लेकर 25 सितम्बर 2020 तक हुआ था। उन्होंने अपने इलाज पर हुए व्यय की मांग संबंधित बीमा कंपनी से की, तो बीमा कंपनी उनका क्लेम देने से मना कर दिया। बताया कि कंपनी के सर्वेयर ने हॉस्पिटल में सर्वे किया। वहां पर उनका आईपीडी नंबर का मिलान नहीं हो पाया और बिल भी एक ही राइटिंग से बने हैं। मुकेश ने इस मामले की शिकायत जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग में की। जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग के अध्यक्ष रामअचल यादव, सदस्य नमिता दुबे, आशुतोष ने मामले की सुनवाई की। आदेश में कहा कि अस्पताल में मरीज भर्ती हुआ, तो उपचार अवश्य हुआ होगा।
क्लेम के लिए कोविड व अन्य जांच रिपोर्ट और बिलो को भी प्रस्तुत किया गया। किसी बिल या रिपोर्ट पर आईडी नंबर ना होने से बीमा कंपनी अपने दायित्वों से नहीं बच सकती। आयोग के अध्यक्ष रामअचल यादव व सदस्यों ने आदेश दिया कि बीमा कंपनी स्टार हेल्थ एंड एलाइड इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड बीमा धारक मुकेश गोयल के उपचार में खर्च हुए 64927 रुपये सात प्रतिशत ब्याज सहित भुगतान करें। साथ ही पांच हजार रुपये परिवाद व्यय के रूप में मद में जमा कराए।