चंदौसी।
सीएचसी पर अल्ट्रासाउंड की सुविधा नहीं होने से मरीजों को परेशानी उठानी पड़ रही है। यहां आने वाले मरीजों को अल्ट्रासाउंड के लिए जिला अस्पताल भेजा जा रहा है। वहां भी ऐसे मरीजों को परेशानी झेलनी पड़ती है। ऐसे में मरीज निजी केंद्रों पर अल्ट्रासाउंड करा रहे हैं। इससे उनकी जेब ढीली हो रही है। जबकि समाजसेवी संस्थाएं व संगठन कई बार सीएचसी पर अल्ट्रासाउंड की सुविधा की मांग स्वास्थ्य विभाग व जनप्रतिनिधि से कर चुके हैं।
नगर का सीएचसी सिर्फ कहने को ही सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र है। यहां मरीजों को मिलने वाली जन सुविधाएं पीएचसी स्तर की हैं। सीएचसी में मेटरनिटी विंग, एमएनसीयू, एनआरसी के अलावा 50 बेड का वार्ड भी है। इसके अलावा करीब छह चिकित्सक की तैनाती है। लेकिन इन सबके बावजूद संसाधनों के अभाव में यहां मरीजों को बेहतर सुविधाएं नहीं मिल पा रहीं। जबकि सीएचसी में रोजाना 700 से 900 के बीच मरीज अपना उपचार कराने के लिए पहुंचते हैं। आस-पास के क्षेत्र के गरीब तबके के लोग भी सीएचसी में मिलने वाली स्वास्थ्य सेवाओं पर ही निर्भर हैं। फिर भी सीएचसी पर अल्ट्रासाउंड की सुविधा मरीजों को नहीं मिल पा रही है। हर रोज 30 से 40 के बीच मरीज किडनी में पथरी, पित्ताशय में पथरी, हार्निया, प्रोस्टेट की बीमारी, गुर्दे की बीमारी, लीवर से संबंधित आदि बीमारियों के लिए यहां पहुंचते हैं। जहां सबसे पहले चिकित्सक उन्हें अल्ट्रासाउंड कराने को लिखते हैं। ऐसे मरीजों को चिकित्सक अल्ट्रासाउंड कराने के लिए जिला अस्पताल रेफर कर देते हैं। लेकिन वहां भी मरीजों को धक्के ही खाने पड़ते हैं। ऐसे में मरीजों को निजी लैब पर जाकर रकम खर्च करनी पड़ती है। कई बार नगर की समाजसेवी संस्थाएं व संगठन स्वास्थ्य विभाग व जनप्रतिनिधियों से अल्ट्रासाउंड मशीन सीएचसी में लगवाने की मांग कर चुके हैं। इस मामले में जब सीएमओ डॉ. तरुण पाठक से सीयूजी नंबर पर संपर्क करने का प्रयास किया गया तो हर बार की तरह कॉल रिसीव नहीं हुई।
- कई बीमारियों में अल्ट्रासाउंड की जरूरत पड़ती है। ऐसे में मरीजों को जिला अस्पताल रेफर कर दिया जाता है। वहां पहले से मरीजों की लंबी लाइन अल्ट्रासाउंड के लिए लगती है। ऐसे में शहर के लोगों को निजी लैब पर जाना पड़ता है।
कृष्णा देवी, स्थानीय निवासी
- स्वास्थ्य विभाग को चंदौसी व आस पास के गरीब तबके के लोगों का ध्यान रखते हुए सीएचसी में अल्ट्रासाउंड की व्यवस्था करनी चाहिए। ताकि किसी को निजी लैब पर न जाना पड़े।
विपुल शर्मा, स्थानीय निवासी