संभल। संभल जिले में गंगा एक्सप्रेसवे पर गांव खिरनी मोहिउद्दीनपुर जंक्शन के पास औद्योगिक गलियारा विकसित कराया जाएगा। सबसे पहले 13 जनवरी को 12 बैनामे हुए थे और अब तक कुल 128 बैनामे हो चुके हैं। इसके लिए किसानों को करीब 100 करोड़ रुपये से अधिक दिए जाने हैं, पर उन्हें अभी तक यह धनराशि नहीं मिल पाई है। जबकि पंद्रह दिन में रुपये देने का प्रावधान है। इससे किसान परेशान हो रहे हैं। औद्योगिक गलियारे के बैनामें खिरनी मोहिउद्दीनपुर और बसला के किसानों से कराए गए हैं। 120 हेक्टेयर भूमि क्रय की जानी है। यह भूमि वर्तमान सर्किल रेट के मुताबिक 193.31 करोड़ में क्रय की जाएगी। बैनामें की प्रक्रिया लगातार जारी है। लेकिन किसानों का भुगतान नहीं हो सका है। जबकि राजस्व विभाग की ओर से जमीन खाली कराने के लिए किसानों से कहा जा रहा है। ऐसे में किसानों के सामने दिक्कत है कि जब बैनामें करा दिए तो भुगतान क्यों नहीं हो रहा है। ऐसे में अब अगली फसल लगाने का भी समय आ रहा है और भुगतान हुआ नहीं है।
गांव खिरनी मोहिउद्दीनपुर और बसला के नजदीक स्थित गांव सारंगपुर और अमावती कुतुबपुर के किसानों की जमीन भी औद्योगिक गलियारे के लिए चिन्हित की गई है। चार नवंबर 2023 को टीम ने दौरा किया था। इस दौरान निर्णय हुआ था कि औद्योगिक गलियारा 240 हेक्टयर भूमि पर बनाया जाएगा। बाद में 120 हेक्टयर भूमि का ही प्रकाश हो सका। 120 हेक्टेयर भूमि को क्रय करने के शासन की अनुमति का इंतजार है।
गंगा एक्सप्रेस-वे किनारे औद्योगिक गलियारा बनने से विकास की रफ्तार तेज हो जाएगी। साथ ही रोजगार के अवसर बढ़ जाएंगे। क्योंकि औद्योगिक गलियारा संभल से सात किलोमीटर की दूरी पर बनना है। जहां औद्योगिक गलियारा बन रहा है। उन गांवों का भी विकास तेजी से होने लगेगा। औद्योगिक गलियारे के आसपास भी लोग भूमि क्रय कर रहे हैं।