एमजीएम कालेज में एक पुराने प्रकरण में नया मोड़ आ गया। कालेज के शिक्षक पर एक छात्रा ने छेड़खानी का आरोप लगा कर हंगामा खड़ा कर दिया। यह सब उस वक्त हुआ जब शिक्षक आगामी परीक्षाओं की तैयारी में जुटे हुए थे। आरोप के बाद कालेज में कामकाज प्रभावित हो गया। शिक्षक तत्काल जिलाधिकारी से मिले। कालेज में पुलिस ने पहुंचकर जांच पड़ताल की है। कालेज स्तर से भी जांच समिति का गठन किया गया है।
एमजीएम कालेज में 17 फरवरी को एक छात्र ने शिक्षक पर दबाव बनाया था। अनुपस्थित छात्रा को शारीरिक शिक्षा की प्रायोगिक परीक्षा में उपस्थित दर्शाने से जब शिक्षक ने इनकार किया तो उसे धमकाया गया। शिक्षक ने तत्काल प्राचार्य और अपने साथी शिक्षकों को घटना की जानकारी दी। उसी दिन प्राक्टोरियल बोर्ड ने बैठक की। इसमें छात्र को निलंबित किया गया। हालांकि परीक्षा में उपस्थित होने से नहीं रोका गया था।
कालेज में अनावश्यक तौर पर प्रवेश को रोक दिया गया। इसी मामले में मंगलवार को दोपहर उस वक्त नया मोड़ आ गया जब निलंबित छात्र के साथ आई एक छात्रा ने कालेज के एक शिक्षक पर छेड़खानी का आरोप मढ़ दिया। आरोप लगने के बाद कालेज में हंगामे भरा माहौल बना क्योंकि जब छात्रा शिक्षक पर आरोप लगाने आई तो उससे पहले निलंबित छात्र ने कालेज के गेट के बाहर कुछ देर तक शिक्षकों पर अभद्र टिप्पणी की और इसके बाद छात्रा ने मीडिया को भी जानकारी दी। छात्रा का कहना है कि शिक्षक ने उसका हाथ पकड़ा है उसने इसकी शिकायत प्राचार्य से की थी लेकिन प्राचार्य ने समझा बुझाकर मामले को ठंडा करा दिया।
अगले दिन उस पर कमेंट कसे गए। इसलिए उसने पूरे प्रकरण से मीडिया को अवगत कराया है। इस मामले में जांच होनी चाहिए। जांच के लिए कालेज के प्राचार्य ने जांच कमेटी बनाई है जबकि जिलाधिकारी ने एसपी से कहा है कि उचित कार्रवाई अमल में लाई जाए। अब कोतवाली की पुलिस जांच कर रही है। जिलाधिकारी और एसपी के निर्देश के बाद कोतवाली पुलिस के उप निरीक्षक ने कालेज पहुंचकर जांच की है।