भटौला और ततारपुर संदल गांव में बालू और मिट्टी की अवैध तरीके से खुदाई की गई। शिकायत मिलने पर शनिवार को प्रशासनिक अधिकारियों ने छापेमारी की। मौके लाखों घन फीट बालू का खदान होने की पुष्टि हुई है। एसडीएम ने लेखपालों की टीम बनाई है। यह टीम जांच पड़ताल करके देर रात्रि तक रिपोर्ट देगी जिसके आधार पर जिलाधिकारी को एक आख्या जाएगी।
उसके बाद जुर्माना वसूल किया जाएगा। एसडीएम के मुताबिक करीब दस लाख रुपये जुर्माना हो सकता है। जिला प्रशासन ने शनिवार को दोपहर बाद बालू के अवैध खनन पर शिकंजा कसा है। सबसे पहले प्रशासन की टीम भटौला पहुंची। भटौला में दो स्थानों पर खेत में खनन हो रहा था। खेत में दो स्थानों पर बड़े गड्ढे करके बालू निकाली जा रही थी।
अधिकारी जब पहुंचे तो खनन करने वाले अपने अधिकतर लोग ट्रैक्टर लेकर भाग गए। मौके से एक ट्रैक्टर दो ट्रालियां पकड़ी गईं। इसके बाद प्रशासन की टीम ततारपुर संदल पहुंची। मौके पर रेत से भरी चार ट्रालियां खड़ी थीं। दो ट्रैक्टर भी थे। प्रशासन ने इन ट्रैक्टर ट्रालियों को अपने कब्जे में ले लिया और इसके बाद इन्हें पुलिस के हवाले कर दिया।
नखासा थाने की पुलिस ने ट्रैक्टर ट्रालियों को सीज किया है। अब खनन के संबंध में रिपोर्ट बन रही है जिसके आधार पर जुर्माना तय होगा। उप जिलाधिकारी ने बताया कि ऐसा लगता है कि 15-20 दिन से अवैध खनन हो रहा था जिसकी प्रशासन को शनिवार को खबर मिली थी। प्रशासन ने तत्काल कार्रवाई की। छापामार टीम में एसडीएम जेबी सिंह, सीओ अफसर अब्बास जैदी थे।