संभल। लगातार हादसे होने के बाद भी यातायात नियमों का पालन नहीं किया जा रहा है। डग्गामार वाहन चालक लगातार यात्रियों को खतरों से भरा सफर करा रहे हैं। इन नियमों की अनदेखी स्कूली बच्चों को ढोने के दौरान भी हो रही है। नियमों का पालन जिम्मेदार भी नहीं करा रहे हैं।अप्रैल में हुए सड़क हादसों में 23 लोगों की जान गई। इसमें ऑटो भी शामिल हैं। जिसमें कई लोग घायल भी हुए हैं। मार्च में ऑटो और कार की टक्कर लगने से छह लोगों की जान गई थी। ऑटो में तीन यात्रियों के सवार करने की अनुमति होती है लेकिन 15 से 17 यात्रियों को सफर कराया जा रहा है। जो ई-रिक्शा स्कूलों के बच्चों को लेकर जाते हैं उनमें भी खतरे बराबर हैं। बच्चों को लकड़ी के पटरे पर बैठाकर सफर कराया जा रहा है। इस ओर स्कूल प्रबंधन और परिजनों का ध्यान नहीं है। जिम्मेदार भी पालन नहीं करा पा रहे हैं। यदि हादसा हो जाता है तो औपचारिकताएं पूरी की जाती हैं।