चंदौसी। थाना बनियाठेर में दर्ज दहेज उत्पीड़न के वर्ष 2013 के मामले में न्यायालय ने पति को एक वर्ष के कारावास व दो हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया है।
पीड़िता की मां कपूरी की ओर से पैरवी कर रही अधिवक्ता किरन शर्मा ने बताया कि उनकी पक्षकार कपूरी ने अपनी बेटी वीरवती का विवाह 10 जून 2012 को गांव भमाध थाना नखासा जिला संभल के रहने वाले रामपाल से किया था। अपनी हैसियत के अनुसार दान दहेज दिया था। लेकिन ससुराल वाले उसकी बेटी को शादी के कुछ दिन बाद से ही कम दहेज को लेकर प्रताड़ित करने लगे। दहेज में मोटरसाइकिल व रुपये की मांग करने लगे। पीड़िता की मां द्वारा बेटी के ससुराल में जाकर अपनी परिस्थिति बताई।
20 मार्च 2013 को असमर्थता जाहिर करने पर भी ससुराल वाले नहीं माने। इसके बाद दहेज न देने पर पीड़िता के साथ मारपीट की और घर से निकाल दिया। पुलिस ने पीड़िता के ससुराल वालों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया और जांच के बाद पति, ससुर व सास के विरुद्ध आरोपपत्र न्यायालय में दाखिल किया। वाद के दौरान ससुर व सास की मृत्यु हो गई।
इस मुकदमे की सुनवाई न्यायिक मजिस्ट्रेट अक्षिता मिश्रा के न्यायालय में हुई। सहायक अभियोजन अधिकारी संतोष कुमार ने बताया कि आरोपी रामपाल को मारपीट व जान से मारने की धमकी में दोष मुक्त किया गया। दहेज मांगने के आरोप में पति रामपाल को एक वर्ष के साधारण कारावास व दो हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया।