नगर के निजी अस्पताल में प्रसव के दौरान जच्चा बच्चा की मौत हो गई। दोनों की मौत से गुस्साए परिजनों ने डाक्टर पर लापरवाही करने का आरोप लगाते हुए हंगामा करना शुरू कर दिया।
डाक्टर ने एंबुलेंस से महिला व उसके बच्चे के शव को चुपचाप घर भेज दिया। सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंच गई। परिजनों ने डाक्टर के खिलाफ कार्रवाई के लिए नखासा पुलिस को तहरीर दी है।
गांव मन्नीखेड़ा निवासी कमल सिंह की पत्नी को रविवार को सुबह प्रसव पीड़ा हुई। कमल ने पत्नी को प्रसव के लिए नगर के एक निजी अस्पताल में भर्ती करा दिया। बताया जाता है कि डाक्टर ने परिजनों से कह दिया कि हमें 19 हजार रुपये दो और डिलीवरी करा देंगे। अगर आपरेशन करने की जरूरत पड़ी तो इन्हीं रुपये में आपरेशन कर देंगे।
आरोप है कि, डाक्टर ने आपरेशन का खर्च बचाने के लिए बिना आपरेशन के बच्चा पैदा करने का प्रयास किया। इससे बच्चे की मौत हो गई। बाद में जच्चा की भी मौत हो गई। यह जानकारी परिजनों को लगी तो उन्होंने डाक्टर पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए हंगामा करना शुरू कर दिया।
सूचना पर पहले कोतवाली और बाद नखासा पुलिस मौके पर पहुंच गई। पुलिस ने पूरी घटना की जानकारी की। परिजनों ने डाक्टर पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए नखासा पुलिस को तहरीर दी है। थानाध्यक्ष ने बताया कि अभी तक घटना की तहरीर नहीं आई है। तहरीर मिलने के बाद कार्रवाई की जाएगी।