जुनावई। थाना क्षेत्र के घोंसली गांव में बृहस्पतिवार की देर रात बारिश और तेज हवा से टिन शेड वाला कच्चा मकान भरभराकर गिर गया। हादसे के समय घर के अंदर एक ही परिवार के चार लोग सो रहे थे, जो मलबे में दब गए। हालांकि सभी की जान बच गई।
गांव निवासी संजीव कुमार मजदूरी कर परिवार का भरण-पोषण करते हैं। रात करीब एक बजे वह अपनी पत्नी सोमवती (28), बेटी रत्न प्रभा (4) और दो माह की मासूम बेटी प्रतीक्षा के साथ टिन शेड वाले मकान में सो रहे थे। पिछले दो दिनों से हो रही रुक-रुक कर बारिश से दीवारें कमजोर हो गई थीं। बृहस्पतिवार की रात चली तेज हवा के बीच अचानक टिन शेड समेत दीवारें भरभरा कर गिर गईं।
तेज आवाज सुनकर ग्रामीण मौके की ओर दौड़े। अंदर से चीख-पुकार सुनकर ग्रामीणों ने हाथों से ही मलबा हटाना शुरू कर दिया। करीब 15 मिनट की मशक्कत के बाद चारों को मलबे से बाहर निकाल लिया गया। हादसे में संजीव और उसकी पत्नी सोमवती को सिर और हाथ-पैरों में गुम चोटें आईं, जबकि चार साल की रत्नप्रभा को मामूली खरोंच आई।
सबसे ज्यादा चोट दो माह की मासूम प्रतीक्षा को लगी। उसके सिर में गंभीर चोट है। परिजन तुरंत रात में ही बाइक से उसे सीएचसी जुनावई लेकर पहुंचे। सीएचसी पर ड्यूटी पर मौजूद चिकित्सक ने प्राथमिक उपचार के बाद मासूम की नाजुक हालत को देखते हुए जिला अस्पताल के लिए रेफर कर दिया। देर रात ही परिजन उसे लेकर बदायूं रवाना हो गए।
प्रशासक समेत ग्रामीणों ने बताया कि संजीव का परिवार बेहद गरीब है और टिन शेड डालकर रह रहा था। ग्रामीणों ने तहसील प्रशासन से मौके का निरीक्षण कर पीड़ित परिवार को प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत पक्का मकान और आर्थिक सहायता दिलाने की मांग की है।