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हेपेटाइटिस-सी जिले में फैल रहा, रामननगर गांव के लोग सबसे ज्यादा बीमार, अन्य इलाके में भी मिलने लगे मरीज

सार

हेपेटाइटिस-सी जिले में फैल रहा, रामननगर गांव के लोग सबसे ज्यादा बीमार, अन्य इलाके में भी मिलने लगे मरीजसंभल।काफी संख्या में दिल्ली के अस्पतालों से उपचार चल रहा है।सीएचसी प्रभारी ने बताया कि जांच के दौरान 34 गर्भवती महिलाओं का हेपेटाइटिस-सी से पीड़ित मिलना चिंताजनक है।
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हेपेटाइटिस-सी जिले में फैल रहा, रामननगर गांव के लोग सबसे ज्यादा बीमार, अन्य इलाके में भी मिलने लगे मरीज
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संभल। जिले में इस समय हेपेटाइटिस-सी के मरीज लगातार मिल रहे हैं। असमोली ब्लॉक के गांव रामनगर सरकारी आंकड़ों के मुताबिक सबसे ज्यादा मरीज हैं। कई लोग हेपेटाइटिस-सी की चपेट में आने से जान तक गवां चुके हैं। स्वास्थ्य विभाग की ओर से उपचार किए जाने का दावा है लेकिन इस गांव के ज्यादातर लोग निजी अस्पतालों में भी उपचार करा रहे हैं। काफी संख्या में दिल्ली के अस्पतालों से उपचार चल रहा है। गांव रामनगर में हेपेटाइटिस-सी कैसे फैल रहा है इसकी जानकारी स्वास्थ्य विभाग के सामने नहीं आ सकी है। दरअसल गांव रामनगर में करीब पांच हजार की आबादी है। स्वास्थ्य विभाग के रिकॉर्ड के मुताबिक 137 मरीज हेपेटाइटिस-सी के ऐसे हैं जिनका उपचार सरकारी स्तर से चल रहा है। जबकि इस गांव में काफी बड़ी संख्या में मरीज ऐसे भी हैं जो दिल्ली, मेरठ, मुरादाबाद जैसे शहरों के निजी अस्पतालों में उपचार करा रहे हैं। इस गांव में 79 मरीजों का उपचार भी पूरा हो चुका है। हालांकि उनका अभी वायरल लोड का परीक्षण किया जाना है। जिससे संक्रमण की स्थिति की जानकारी सामने आ सके। वहीं दूसरी ओर नए मामले गुन्नौर और संभल में भी सामने आने लगे हैं।
पवांसा में एक महीने में मिली 34 गर्भवती महिलाएं संक्रमित
संभल। पवांसा सीएचसी पर एक महीने के अंदर 34 गर्भवती महिलाएं हेपेटाइटिस-सी की चपेट में पाई गई हैं। इनके प्रसव को लेकर भी स्वास्थ्य विभाग अलर्ट है। सीएचसी प्रभारी ने बताया कि जांच के दौरान 34 गर्भवती महिलाओं का हेपेटाइटिस-सी से पीड़ित मिलना चिंताजनक है। जांच का दायरा बढ़ाया गया है। लक्षण वाले अन्य लोगों की भी किट से जांच कराई जा रही है।
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हेपेटाइटिस-सी के लक्षण क्या हैं
शरीर में टूटन रहना
हल्के बुखार का होना
भूख न लगना
थकान होना
वजन कम होना
हेपेटाइटिस-सी के मुख्य कारण
संक्रमित ब्लड
असुरक्षित शारीरिक संबंध
इस्तेमाल हुई सूई का प्रयोग
नाई की दुकान पर संक्रमित ब्लैड या उस्तरा
रामनगर में सबसे ज्यादा मरीज हैं। सभी का उपचार चल रहा है। पवांसा और गुन्नौर में भी हेपेटाइटिस-सी के मामले सामने आए हैं। जिले के सभी सरकारी अस्पताल में इसकी जांच होती है। तीन से छह महीने का हेपेटाइटिस-सी का उपचार है।
डा. मनोज चौधरी, जिला सर्विलांस अधिकारी, संभल।
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