संभल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में कोरोना से बचाव का टीका लगवाते डा. नीरज शर्मा।
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संभल/असमोली। महामारी को मात देने के लिए जिले के छह केंद्रों पर 706 कर्मियों ने शुक्रवार को अपने कदम आगे बढ़ा दिए हैं। संभल, बहजोई, असमोली, चंदौसी, नरौली सीएचसी और संभल जिला अस्पताल में कोरोना से बचाव 1,110 में सरकारी स्वास्थ्यकर्मियों, निजी अस्पतालों के कर्मचारियों और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को टीका लगाया जाना था। सुबह नौ बजे से टीकाकरण शुरू कर दिया गया, लेकिन शाम पांच बजे तक 706 कर्मियों को टीका लग सका। इसमें 515 महिलाएं और 191 पुरुष कर्मी हैं। कुल 404 स्वास्थ्य कर्मी और आंगनबाड़ी कार्यकर्ता अनुपस्थित रहे।
इतनी बड़ी संख्या में अनुपस्थिति के विषय में जब सीएमओ डा. अजय कुमार सक्सेना से पूछा गया तो उन्होंने बताया कि ज्यादातर अनुपस्थित कर्मचारी आंगनबाड़ी कार्यकर्ता हैं। इन्हें ग्रामीण क्षेत्र से आना था, लेकिन मौसम खराब था और आने जाने में असुविधा की वजह से कार्यकर्ता नहीं पहुंची। अब इनके लिए ठीक उसी प्रकार से अलग से तिथि पर टीकाकरण होगा जैसे पल्स पोलियो अभियान में छूटे बच्चों के लिए अलग तिथि पर टीकाकरण कराया जाता है, लेकिन अभी इसकी तिथि घोषित नहीं है। उन्होंने बताया कि टीकाकरण का अभियान जारी रहेगा। संभल जिले में पहली बार 16 जनवरी को 252 स्वास्थ्यकर्मियों का टीकाकरण कराया गया है। अब 22 जनवरी को 706 लोगों का टीकाकरण हुआ है। अब 28 व 29 जनवरी को इन्हीं छह सरकारी अस्पतालों में टीकाकरण कराया जाएगा।
सीएचसी पर आला अफसरों ने लगवाया कोरोना का टीका
बहजोई। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर विभागीय आला अफसरों समेत दूसरे स्वास्थ्य कर्मियों ने कोरोना का टीका लगवाया। शुक्रवार को तय समय पर सीएचसी परिसर में बने दो बूथों पर कोविड का टीका लगना प्रारंभ हो गया। इस बीच अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डा. रामजीलाल, जिला सर्विलांस अधिकारी व अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डा. अजफर कमाल समेत जिला कार्यक्रम प्रबंधक संजीव राठौर, डा. दानिश सुहैल, बीसीसीएम अरशद रसूल समेत अन्य लिपिक व स्वास्थ्य कर्मियों ने कोरोना का टीका लगवाया। चिकित्साधीक्षक डा. शिशुपाल सिंह ने बताया कि सीएचसी में दो बूथों पर 210 स्वास्थ्य कर्मियों को कोरोना का टीका लगना था, इनमें बूथ संख्या एक पर 105 के सापेक्ष 73 तथा बूथ संख्या दो पर 105 के सापेक्ष 98 स्वास्थ्य कर्मियों ने कोरोना का टीका लगवाया। उन्होंने बताया कि सबसे पहले पहचान पत्र का सत्यापन करने के बाद लाभार्थी स्वास्थ्य कर्मियों को प्रतीक्षालय में बैठाया गया। इसके बाद कोरोना का टीका लगने पर लाभार्थियों को पर्यवेक्षण कक्ष में भेजा गया। यहां तय समय तक किसी लाभार्थी को कोई भी परेशानी नहीं आई।