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प्रधानाध्यापक और दो सहायक अध्यापक निलंबित

सार

मंगलवार को प्राथमिक विद्यालय धनारी पट्टी बालू शंकर में कक्षा एक की छह वर्षीय मासूम अंशिका विद्यालय में पढ़ने गई थी लेकिन छुट्टी होने पर वह घर नहीं पहुंची। बीएसए ने बृहस्पतिवार को प्रधानाध्यापक भगवान सिंह, सहायक अध्यापक ब्रजपाल सिंह, सतपाल को निलंबित कर दिया है। विद्यालय बंद करने से पहले निम्न बिंदुओं की जांच करनी जरूरी- कक्षों की तलाशी लेना, कोई छात्र तो नहीं रह गया।
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विस्तार
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गुन्नौर तहसील क्षेत्र के गांव धनारी पट्टी बालू शंकर के प्राथमिक विद्यालय में छुट्टी के बाद छह साल की छात्रा को कक्षा में बंद करके चले जाने के मामले में विभाग ने गलती मानी है। बीईओ की जांच रिपोर्ट पर बीएसए ने विद्यालय के प्रधानाध्यापक व दो सहायक अध्यापकों को निलंबित कर दिया है।
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मंगलवार को प्राथमिक विद्यालय धनारी पट्टी बालू शंकर में कक्षा एक की छह वर्षीय मासूम अंशिका विद्यालय में पढ़ने गई थी लेकिन छुट्टी होने पर वह घर नहीं पहुंची। इस पर ढाई बजे छात्रा की नानी ढूंढते हुए स्कूल पहुंची थी। शिक्षकों ने छात्रा के घर चले जाने की बातकर उन्हें लौटा दिया था। बुधवार की सुबह करीब आठ बजे विद्यालय खुलने पर छात्रा कक्षा के कोने में डर सहमी बैठी मिली थी। विद्यालय में अवकाश के समय सहायक अध्यापक ब्रजपाल सिंह, सतपाल सिंह थे तथा प्रधानाध्यापक भगवान सिंह खंड शिक्षा कार्यालय में प्रशिक्षण में उपस्थित थे।
खंड शिक्षा अधिकारी पोप सिंह ने डीएम व बीएसए के निर्देश पर विद्यालय व गांव पहुंचकर जांच की थी। जांच में प्रधानाध्यापक व दोनों सहायक अध्यापकों की लापरवाही मानते हुए कार्रवाई की संस्तुति की थी। बीएसए ने बृहस्पतिवार को प्रधानाध्यापक भगवान सिंह, सहायक अध्यापक ब्रजपाल सिंह, सतपाल को निलंबित कर दिया है।
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बीएसए ने कार्रवाई से पहले छात्रा व परिजनों से की बात
चंदौसी। बीईओ की जांच के बाद बीएसए चंद्रशेखर बृहस्पतिवार को गांव धनारी पट्टी बालू शंकर गांव पहुंचे। उन्होंने छात्रा अंशिका, उसके परिजनों से बात की। परिजनों ने विद्यालय स्टाफ की बीएसए से शिकायत की। उन्होंने विद्यालय स्टाफ पर लापरवाही का आरोप लगाया। कहा कि छात्रा रात को अंधेरे में डरी हुई थी। छात्रा के साथ कुछ भी हो सकता था। बीएसए ने भी अभिभावकों के समक्ष विद्यालय स्टाफ की चूक को माना। इसके अलावा विद्यालय का निरीक्षण किया। विद्यालय में मिड-डे मील व साफ सफाई आदि की शिकायत भी मिली।
विद्यालय बंद करने से पहले निम्न बिंदुओं की जांच करनी जरूरी
- कक्षों की तलाशी लेना, कोई छात्र तो नहीं रह गया।
- मिड-डे मील का गैस सिलिंडर बंद है या नहीं।
- विद्यालय की सभी लाइट के स्विच बंद है अथवा नहीं।
- बिजली की एमसीबी गिरा दी गई है अथवा नहीं।
- कोई ज्वलनशील पदार्थ रिकॉर्ड के पास तो नहीं रखा।
प्रधानाध्यापक व दो सहायक अध्यापकों को निलंबित कर दिया गया है। इसमें स्टाफ की चूक है। प्रधानाध्यापक भले ही ट्रेनिंग पर थे, उनकी भी जवाबदेही है। इसलिए कार्रवाई की गई है। विद्यालय की मिड-डे मील व अन्य शिकायत मिली है, जिन्हें दूर कर लिया जाएगा।
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चंद्रशेखर, बीएसए संभल
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