संभल। उड़ीसा स्थित जगन्नाथपुरी घूमने गए हयातनगर के सोनू गुप्ता ने जनवरी-2022 में नंदन कानन पार्क में घूमने के लिए 80 रुपये के हिसाब से 13 टिकट लिए थे। उनके साथ परिवार के सदस्य के अलावा मित्र भी थे। जब यह लोग नंदन कानन पार्क में पहुंचे तो पहले गेट पर ही उतार दिया गया। जबकि टिकट के मुताबिक पूरे पार्क में घुमाना था। यही नहीं, गेट पर छोड़ने के बाद बैटरी रिक्शा को रिसीव करना था पर वह भी नहीं मिली। इस पर सोनू गुप्ता ने रिसेप्शन पर अपनी शिकायत दर्ज कराई। टिकट के रुपये वापस मांगे। माहौल मारपीट का बना लेकिन बाद में वह लौट आए। इसके बाद जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग में वाद दायर किया। आयोग ने नंदन कानन पार्क के प्रबंधन को टिकट के रुपये और क्षतिपूर्ति के तौर पर कुल 18500 रुपये अदा करने के आदेश दिए। जिसके बाद उन्हें बैंक अकाउंट में रुपये आ गए। ऐसे ही तमाम मामले जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग में आते हैं, जहां उपभोक्ताओं को न्याय दिया जाता है। उपभोक्ता मामलों के वरिष्ठ अधिवक्ता देवेंद्र वार्ष्णेय ने बताया कि पंद्रह मार्च को विश्व उपभोक्ता अधिकार दिवस मनाया जाता है। उपभोक्ताओं को न्याय दिलाने के लिए आयोग बनाया गया है। अधिवक्ता लव मोहन वार्ष्णेय बताते हैं कि अगर किसी व्यक्ति को यातायात, डाक, टेलीफोन, विद्युत प्रकाश, जनसेवा, लोक सफाई या स्वच्छता प्रणाली, अस्पताल और बीमा से संबंधित शिकायत है, तो वह स्थायी लोक अदालत में वाद दाखिल कर सकता है। इसके लिए जरूरी है कि दाखिल किया जाने वाला मामला अन्य किसी अदालत में विचाराधीन न हो। अर्जी देकर अपना वाद दाखिल करा सकता है।
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इस वर्ष दो माह में 57 वाद दर्ज, 50 का निस्तारण
संभल। जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग, संभल के आंकड़ों पर नजर डालें तो वर्ष-2020 से फरवरी-2023 तक कुल 842 वाद दर्ज हुए। जिनमें से 727 का निस्तारण कर दिया गया। वर्ष-2020 में दर्ज 123 परिवाद में से 27 निस्तारित हुए। वर्ष 2021 में दर्ज 358 में से 293 निस्तारित हुए। वर्ष-2022 में 305 दर्ज हुए और 357 निस्तारित हुए। चालू वर्ष 2023 में फरवरी माह तक 57 परिवाद दर्ज हुए। इनमें से 50 का निस्तारण उपभोक्ता आयोग द्वारा किया जा चुका है।
प्रदेश में तीसरे नंबर रहा है जिले का उपभोक्ता आयोग
संभल। राष्ट्रीय लोक अदालत 12 नवंबर-2022 में जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग संभल ने उत्तर प्रदेश में तीसरा स्थान प्राप्त किया है। जिले में आयोग की यह प्रगति तब है, जब सिर्फ उपभोक्ता फोरम मार्च 2014 में गठित हो कर संचालित हो रही है।
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यह जरूर जानें
संभल। हर वह व्यक्ति जिसने बाजार या किसी व्यापारी से सामान क्रय किया है, उपभोक्ता की श्रेणी में आता है। उपभोक्ता को उसके अधिकारों से वंचित नहीं किया जा सकता। पर अफसोस जनपद संभल में अधिकतर विक्रेता व दुकानदार उपभोक्ताओं को विक्रीत वस्तु की रसीद नहीं देते। खासतौर पर दवाईयों के विक्रेता। जहां उपभोक्ताओं के जीवन मरण का सवाल होता है। यह स्थिति अत्यंत आपत्तिजनक और उपभोक्ता हितों के प्रतिकूल है। ऐसे में उपभोक्ता को खुद ही अपने अधिकारों के प्रति जागरूक होने की जरूरत है।
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कोट
संभल जनपद में अधिकतर विक्रेता व दुकानदार उपभोक्ताओं को विक्रीत वस्तु की रसीद/बिल जारी नहीं करते हैं, खासतौर पर दवाईयों के विक्रेता जहां उपभोक्ताओं के जीवन मरण व स्वास्थ्य का सवाल होता है। यह स्थिति अत्यंत आपत्तिजनक व उपभोक्ता हितों के प्रतिकूल है। इसे लेकर जरुरी कार्रवाई होनी चाहिए। रामअचल यादव, अध्यक्ष, जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग, संभल।
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कोट
20 जुलाई 2020 से लागू नए उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम 2019 में उपभोक्ताओं के लिए काफी अधिकार दिए गए हैं लेकिन जागरूकता के अभाव में उपभोक्ता इन कानूनों का लाभ लेने में असफल रहे हैं। ऐसी स्थिति में उपभोक्ता जागरूकता कार्यक्रम चलाए जाने चाहिए। जिससे उपभोक्ता अपने अधिकार के प्रति जागरूक हो सकें।
आशुतोष, सदस्य, जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग, संभल।