श्रद्धा-भक्ति व रंगों के आनंद से सराबोर लोग
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खुशियों का त्योहार होली नजदीक है। हर दिल में उमंग हिलोरे मार रही है, सबकी अपनी तैयारी है। ऐसे में संभल में चंदन, रोज, केवड़े से तैयार गुलाल सबको याद आ जाते हैं। अपनी सुगंध और खासियत के लिए मशहूर संभल के गुलाल की अपने राज्य ही नहीं दूसरे प्रदेशों में भारी मांग रहती है।
संभल में बना गुलाल उत्तराखंड, दिल्ली और हरियाणा में भेजा जाता है। जानकारों के मुताबिक, यहां से हर वर्ष 300 मीट्रिक टन से अधिक गुलाल की सप्लाई दूसरों राज्यों में होती है, जबकि हर साल तकरीबन 800 मीट्रिक टन गुलाल बेचते हैं।
संभल में भारी मात्रा में गुलाल बनाया जाता है। यहां से गुलाल बनाकर उसे दूसरे राज्यों में सप्लाई किया जाता है। संभल निवासी बृजेश कुमार इसके लिए जनवरी से ही तैयारी में जुट जाते हैं। प्रत्येक दिन पंद्रह लोग गुलाल बनाने में लगे रहते हैं।
इससे वह होली तक 300 टन से अधिक गुलाल दूसरे राज्यों के लिए तैयार करते हैं, जबकि अपने राज्य में मिले ऑर्डर के मुताबिक अलग से गुलाल तैयार किया जाता है। संभल के गुलाल को हरियाणा, दिल्ली, उत्तराखंड आदि राज्यों के व्यापारी ले जाते हैं।
1982 से लोगों की खुशियों को रंग देने में जुटे बृजेश के मुताबिक, हम 12 रंगों का गुलाल बनाते हैं। गुलाल में खुशबू के लिए चंदन, रोज और केवड़े का प्रयोग होता है।