माध्यमिक शिक्षा मंत्री स्वतंत्र प्रभार गुलाब देवी ने ज्ञानवापी मामले में कहा कि यह मंदिर की भूमि है, मुस्लिमों को पहल करके मंदिर को दे देनी चाहिए। वहां पूर्व में लोगों ने जो कुछ भी किया, वह गलत किया।
माध्यमिक शिक्षा मंत्री स्वतंत्र प्रभार गुलाब देवी ने ज्ञानवापी मामले में बड़ा बयान दिया है। गुलाब देवी ने कहा कि ज्ञान वापी में हिंदू धर्म के प्रतीक चिन्ह और सबूत मिले हैं, हम सभी को उन्हें मानना चाहिए। मेरी मुस्लिम भाईयों से अपील है कि वह उलझन में न पड़े। यह मंदिर की जगह है और मंदिर को ही मिलनी चाहिए।
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मीडिया को जारी बयान में माध्यमिक शिक्षा राज्यमंत्री स्वतंत्र प्रभार गुलाब देवी ने कहा कि यहां पर लोकतंत्रात्मक शासन पद्धति चल रही है। इसी के तहत ज्ञानवापी का सारा मामला भी कानून के अंतर्गत चल रहा है। कानून यह देख रहा है कि किसके साक्ष्य मिल रहे हैं। साक्ष्यों को सभी के मानना पड़ेगा।
जो नहीं मानेगा, उसे सजा मिलनी तय है। मैनें स्वयं ज्ञानवापी को देखा है। उधर की ओर ही मुख किए हुए नंदी स्थापित है, जिस ओर दीवार हैं। यानी दीवार के दूसरी ओर शिवलिंग है। इसके बावजूद कुछ लोग वहां मस्जिद होने की बात कह रहे है, तो यह गलत बात है।
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ऐसा नहीं करना चाहिए। यह मंदिर की भूमि है, मुस्लिमों को पहल करके मंदिर को दे देनी चाहिए। वहां पूर्व में लोगों ने जो कुछ भी किया, वह गलत किया। त्रिशूल व अन्य सभी साक्ष्य मिले हैं, वह मंदिर का प्रमाण है। साक्ष्यों को झुठलाया नहीं जा सकता है।