चंदौसी (संभल)। राज्य सरकार स्वास्थ्य व्यवस्थाओं को लगातार सुदृढ़ करने का दावा कर रही है जबकि हकीकत कोसों दूर है। चिकित्सकों की कमी के चलते सारे दावे जमीन पर हवा-हवाई साबित हो रहें है। आलम यह है कि जिले में 14 पीएचसी में तो चिकित्सक ही नहीं है। फार्मासिस्ट रामभरोसे मरीजों का उपचार कर रहे हैं। स्वास्थ्य सुविधाओं की भी खानापूर्ति हो रही है। अधिकांश पीएचसी में लैब टेक्नीशियन भी नहीं है। ब्लड की जांच कराने के लिए मरीजों को सीएचसी रेफर किया जा रहा है।
जनपद में 10 सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र और 28 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र हैं। किंतु इनमें पर्याप्त चिकित्सक नहीं हैं। सबसे ज्यादा स्थिति प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों की खराब है। जनपद की 14 पीएचसी में वर्तमान में चिकित्सक नहीं है। दूसरे अस्पतालों के चिकित्सकों को अटैच कर लोगों को स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने का प्रयास किया जा रहा है। या फिर फार्मासिस्ट लोगों का उपचार कर रहे हैं। फार्मासिस्ट भी कभी कभार अस्पताल आ रहे हैं। सबसे बड़ी बात अधिकांश पीएचसी में लैब टेक्नीशियन में नहीं है। ऐसे में मरीजों के ब्लड की जांच के लिए सीएचसी रेफर किया जा रहा है। सिर्फ सर्दी, बुखार, खांसी का उपचार मिल रहा है। यही वजह है कि मरीज प्राइवेट चिकित्सकों के यहां इलाज कराने व प्राइवेट लैब पर खून की जांच कराने पहुंच रहे हैं।
मलेरिया और टाइफाइड की नहीं हो रही जांच
कुढ़फतेहगढ़ पीएचसी में बीते सात दिन से मलेरिया और टाइफाइड की जांच नहीं हो रही है। लैब टेक्नीशियन नेत्रपाल ने बताया कि जांच किट खत्म हो गई है। विभाग को अवगत कराया गया है। वहीं अस्पताल में चिकित्सक और फार्मासिस्ट की तैनाती नहीं है। स्टाफ नर्स मरीजों का उपचार करती हैं।
अकरौली पीएचसी में नहीं लैब टेक्नीशियन
अकरौली पीएचसी में लैब टेक्नीशियन नहीं है। रोजाना 65 से 70 के बीच ओपीडी रहती है। ब्लड की जांच के लिए प्राइवेट लैब या सीएचसी के लिए मरीजों को भेजा जा रहा है। इससे लोगों को अतिरिक्त पैसा खर्च करना पड़ रहा है।
इन पीएचसी में नहीं हैं चिकित्सक
रुस्तपुर उगिया, गुमथल, रीठ, कुढ़फतेहगढ़, एचोड़ा, भवालपुर, गवां, खजरा, धनारी, अहरौला नवाजी, अल्लीपुर बुजुर्ग, एंचोली आदि पीएचसी पर चिकित्सक नहीं हैं।
वर्जन:
चिकित्सकों की कमी काफी समय से चली आ रही है। मरीजों की पर्याप्त इलाज मिल सके। इसके लिए अस्पतालों में बारी-बारी भ्रमण कर जानकारी ली जा रही है। -डॉ. तरुण पाठक, सीएमओ