चंदौसी (संभल)। गोरखपुर के चार नाबालिग भाई बहन ट्रेन से बरेली जाने की बजाय चंदौसी तक पहुंच गए। टीटी ने बच्चों से पूछताछ की तो पता चला कि वह गलत ट्रेन में बैठ गए है। जिसके बाद टीटी ने बच्चों को चंदौसी आरपीएफ के सुपुर्द कर दिया।
गोरखपुर के श्रीकृष्णा कॉलोनी निवासी किशन कुमार ने अपने चार बच्चों निशा (15), कन्हैया (7), नीभा (9) और अमिता (11) को बरेली जाने के लिए ट्रेन में बैठाया था। गलती से बच्चों को दिल्ली आनंद विहार जाने वाली सत्याग्रह एक्सप्रेस में बैठा दिया गया। सोमवार दोपहर यह ट्रेन चंदौसी स्टेशन पहुंची। इस दौरान टीटी ने ट्रेन में चेकिंग के दौरान बच्चों को देखा। पूछताछ में बच्चों ने बताया कि वह लोग बरेली में अपने बहनोई के घर जा रहे हैं। जिसके बाद टीटी ने बच्चों को ट्रेन से उतारकर आरपीएफ के सुपुर्द कर दिया। आरपीएफ पुलिस ने पहले बच्चों का चंदौसी सीएचसी में मेडिकल कराया। इसके बाद चारों बच्चों को बहजोई बाल कल्याण समिति के पास भेज दिया। यहां समिति ने आरपीएफ से बच्चों को उनके घर तक पहुंचाने के आदेश दिए हैं। आरपीएफ प्रभारी आलाेक कुमार ने बताया कि बच्चे गोरखपुर के रहने वाले हैं। गलत ट्रेन में बैठने से वह चंदौसी पहुंच गए। उन्हें परिवार के सुपुर्द किया जाएगा।