कक्षा में बैठने की जगह नहीं मिलने पर छात्राओं ने प्रदर्शन किया। उनका कहना था कि कक्षाओं में बैठने के लिए पर्याप्त जगह नहीं है, इससे पढ़ाई प्रभावित हो रही है। बाद में छात्राओं को शांत कर जैसे-तैसे कक्षाओं में बैठाया गया। कार्यवाहक प्रधानाचार्या ने बताया कि प्रबंध समिति ने क्षमता से अधिक प्रवेश करा लिए हैं जिससे बैठने की व्यवस्था नहीं हो पा रही है।
राष्ट्रीय कन्या इंटर कॉलेज में कक्षा छह से बारहवीं की कक्षाएं संचालित होती हैं। विद्यालय सिर्फ हाईस्कूल तक ही शासन से सहायता प्राप्त है। इस दौरान वहां बारहवीं की कक्षाएं वित्तविहीन रूप से संचालित होती हैं। मंगलवार को स्कूल पहुंचीं छात्राओं ने कक्षाओं में बैठने के लिए जगह न मिलने पर हंगामा शुरू कर दिया। छात्राएं स्कूल प्रबंध समिति के खिलाफ प्रदर्शन करने लगीं। उनका कहना था कि एक ही कमरे में दो कक्षाएं लगाईं जाती हैं जिससे पढ़ाई प्रभावित होती है। साथ ही गर्मी से बुरा हाल हो जाता है।
...तो अभिभावकों को नहीं मालूम कि बेटियां कहां बैठकर कर रही हैं पढ़ाई
संभल। मोटी रकम खर्च कर अपनी बेटियों का बेहतर भविष्य का सपना संजोने वाले अभिभावकों को शायद ही मालूम नहीं होगा कि उनकी बेटियों को स्कूल में किस तरह बैठाकर पढ़ाया जा रहा है। स्कूल में न सिर्फ छात्राओं का शोषण हो रहा है। स्कूल की कार्यवाहक प्रधानाचार्य क्षमा मिश्रा ने बताया कि स्कूल में नियम के मुताबिक एक कक्षा में 53 छात्राओं का ही प्रवेश हो सकता है, लेकिन प्रबंध समिति द्वारा मनमर्जी से 98-98 छात्राओं का प्रवेश कराया गया है। वर्तमान में 657 छात्राएं पंजीकृत हैं। मंगलवार को 450 छात्राएं स्कूल पहुंची थीं।
हमारी कक्षा की जो लड़कियां बाद में आती हैं वह खड़ी रहती हैं। फर्नीचर भी टूटा हुआ है जिससे ड्रेस भी फंसकर फट जाती है। पंखों की भी पूरी व्यवस्था नहीं है। कोर्स भी महंगा मिला है।
हाजरा, कक्षा दस की छात्रा
एक साल में छह हजार रुपये की फीस ली जा रही है, जबकि शासन की ओर से फीस माफ है। फिर भी कक्षा में बैठने की व्यवस्था न होने के चलते खड़े होकर पढ़ाई को मजबूर हैं।
खुशी, कक्षा 12 की छात्रा
फीस जमा न करने पर नाम काटने की धमकी देते हैं। फीस भी खूब ली जा रही है लेकिन न बैठने की व्यवस्था है और न बिजली के पंखे। छात्राएं खड़ी रहती हैं। छोटे-छोटे बच्चों को नीचे बैठाते हैं। शिकायत करने जाते हैं तो बोलते हैं कि हम लड़कियों से बात नहीं करते।
कामनी, कक्षा दस की छात्रा
विद्यालय में जो व्यवस्थाएं हैं, उसमें किसी तरह की कोई कमी नहीं है। 25 अगस्त को प्रधानाचार्य की ओर से पत्र लिखकर अवगत कराया गया कि फर्नीचर की जरूरत है। इसे भी पूरा कराया जा रहा है। स्कूल के संचालन की जिम्मेदारी प्रधानाचार्या की है, बाकी वह देखें।
दिनेश गुप्ता, प्रबंधक, राष्ट्रीय कन्या इंटर कालेज, हयातनगर
प्रबंध समिति ने जरूरत से ज्यादा बच्चों के प्रवेश करा लिए हैं। स्कूल में ज्यादा से ज्यादा 400 बच्चों की व्यवस्था है। जबकि इस समय 657 छात्राएं विद्यालय में पंजीकृत हैं। कक्षा में बैठने के लिए जगह न मिलने पर छात्राएं रोजाना शिकायत करती हैं। इस बारे में हमने भी अधिकारियों से लिखित में शिकायत की है।
क्षमा मिश्रा, कार्यवाहक प्रधानाचार्य, राष्ट्रीय कन्या इंटर कॉलेज, हयातनगर
राष्ट्रीय कन्या इंटर कॉलेज हयातनगर में मंगलवार को जो हुआ, वह क्यों हुआ? इसकी जांच के लिए तीन सदस्यीय कमेटी बना दी गई है। यह कमेटी तीन दिन के अंदर अपनी जांच रिपोर्ट देगी जिसके बाद अगली कार्रवाई हो सकेगी।
बालमुकुंद प्रसाद, जिला विद्यालय निरीक्षक, संभल
मेरे संज्ञान में यह मामला नहीं है। इसकी जानकारी कराते हैं। बैठने की व्यवस्था को लेकर जो समस्या है। उसका समाधान कराया जाएगा।
मनीष बंसल, डीएम, संभल