ईट-भट्ठे पर काम कर रही बालिका की बुखार के चलते हालत बिगड़ गई। उसे महमूदपुर के निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया। लेकिन जब बुखार काबू में न आया तो मुरादाबाद के लिए रेफर कर दिया गया। मुरादाबाद ले जाते समय रास्ते में बालिका की मौत हो गई। बालिका की मौत से परिजनों में कोहराम मच गया।
थाना नखासा के गांव फिरोजपुर निवासी विजेंद्र की 12 वर्षीय पुत्री गरिमा को मंगलवार को शाम बुखार आ गया। विजेंद्र के मुताबिक बुधवार की सुबह गरिमा को गांव महमूदपुर के एक निजी अस्पताल में उपचार के लिए भर्ती कराया गया। जहां चिकित्सक ने ग्लूकोज चढ़ाया। बुखार को काबू में करने की दवाएं दीं। अचानक गरिमा की हालत बिगड़ गई। चिकित्सक ने उसे मुरादाबाद के लिए रेफर कर दिया। मुरादाबाद पहुंचने पर एक निजी अस्पताल में चिकित्सक ने गरिमा को मृत घोषित कर दिया। गरिमा की मौत की खबर गांव में पहुंची तो परिवार में कोहराम मच गया। पिता विजेंद्र ने बताया कि पूरा परिवार गांव बैटला के एक ईट-भट्ठे पर पथाई का काम करता है।