बहजोई। नगर में अलग-अलग नर्सिंग होम में इलाज के बाद अकबरपुर निवासी सात वर्षीय बालिका परी व चितनपुर निवासी महिला जासमीन, 32 वर्ष की मौत हो गई। पूरे मामले में परिजनों ने नर्सिंग होम स्टाफ पर गलत इलाज करने का आरोप लगाया। वहीं स्वास्थ्य विभाग की टीम ने जांच पड़ताल के बाद दोनों ही नर्सिंग होम को सील कर दिया।गांव अकबरपुर निवासी देवराम ने बताया कि शुक्रवार को उसकी बेटी परी को बुखार आया, तो उसने सुबह नौ बजे बेटी को इलाज के लिए कलक्ट्रेट के सामने बिजलीघर रोड स्थित नर्सिंग होम में भर्ती कराया। वहां मौजूद नर्सिंग होम स्टाफ ने बेटी को ठीक करने का भरोसा दिया और इलाज शुरू कर दिया। इसके बाद दोपहर को बेटी की हालत बिगड़ी तो स्टाफ ने उसे किसी अस्पताल में ले जाने की बात कही। दोपहर बाद करीब तीन बजे बेटी के शरीर में कुछ हरकत नहीं हुई, तो स्टाफ के लोगों को बताया। इसके बाद स्टाफ के लोग नर्सिंग होम छोड़कर भाग गया। बाद में बेटी को सीएचसी लाए, तो डॉक्टर ने बेटी को मृत घोषित कर दिया।
वहीं दूसरे मामले में तबियत खराब होने पर परिजनों ने तीन दिन पहले गांव चितनपुर निवासी महिला जासमीन को भीमपुर रोड मंडी गेट के निकट नर्सिंग होम में भर्ती कराया। परिजनों के मुताबिक महिला की हालत बिगड़ी तो नर्सिंग होम स्टाफ ने बृहस्पतिवार को दिल्ली के लिए रेफर कर दिया। दिल्ली ले जाते समय शुक्रवार को महिला ने दम तोड़ दिया।
दूसरी ओर क्वैक्स टीम प्रभारी व डिप्टी सीएमओ डॉ. विश्वास अग्रवाल ने बताया कि बालिका की मौत की जानकारी मिलने पर बिजली घर रोड स्थित जीवन नर्सिंग होम पर पहुंचकर जांच पड़ताल की गई। नर्सिंग होम पर कोई मिला नहीं। आसपास के लोगों से घटना की जानकारी लेने के बाद नर्सिंग होम सील कर दिया गया। वहीं, भीमपुर रोड मंडी गेट स्थित नर्सिंग होम पर पहुंचकर जांच-पड़ताल की गई। यहां नर्सिंग होम को संचालित करने से जुड़े कोई अभिलेख नहीं मिल सके। इसको लेकर एआरके हेल्थ केयर सेंटर नर्सिंग होम को भी सील कर दिया गया है।