गुन्नौर (संभल)। गंगा के जलस्तर में हो रही लगातार वृद्धि से नदी ने रौद्र रूप धारण कर लिया है। राजघाट में गंगा खतरे के निशान से ऊपर हाई फ्लड लेवल तक पहुंच गई है। शनिवार की देर शाम नरोरा बैराज पर जलस्तर खतरे के निशान से 62 सेंटीमीटर ऊपर दर्ज किया गया। जबकि डाउन स्ट्रीम से जल निकासी 2,81,676 क्यूसेक से बढ़कर 3,05,041 क्यूसेक प्रति सेकंड तक पहुंच गई।
इस बीच गंगावास गांव के बांध में दरार पड़ने पर गंगा का पानी आसपास खेतों में पहुंच गया7 प्रशासन में हड़कंप मच गया। एसडीएम डॉ. वंदना मिश्रा, तहसीलदार रविन्द्र विक्रम, सिंचाई विभाग के एसडीओ अंकित सिंह व थाना प्रभारी अखिलेश प्रधान मौके पर पहुंचे और ग्रामीण मजदूरों की मदद से प्लास्टिक बैग में मिट्टी भरकर दो घंटे में दरार पाट दी। तेजी से बढ़ते पानी से शांति उपवन को जाने वाली सड़क जलमग्न हो गई है। घाट पर शवदाह स्थल सीमित होने से बारी-बारी से अंतिम संस्कार हो रहा है। नदी का पानी तटीय गांवों में घुसने से फसलें डूब गई हैं। बरेली-अलीगढ़ रेल लाइन के राजघाट पुल पर ट्रेनों की गति धीमी कर दी गई है। एसडीएम ने सिंचाई, राजस्व और पुलिस विभाग की टीमों को बांध की सतत निगरानी और पेट्रोलिंग के निर्देश दिए हैं। बाढ़ जैसे हालात के बीच ग्रामीणों से सुरक्षित स्थानों पर जाने की अपील की गई है।
बांध में दरार पड़ने से ग्रामीणों में दहशत
गुन्नौर। कोतवाली क्षेत्र के गंगावास गांव के निकट बांध में दरार आने से ग्रामीणों में दहशत फैल गई। शनिवार को ग्रामीणों ने बांध पर पहुंचकर खुद ही मिट्टी व बालू डालकर दरार को भरने का प्रयास शुरू कर दिया। ग्रामीण रूपेश, पप्पू, दिनेश, राजकुमार आदि ने बताया कि नरौरा बैराज पर जल स्तर खतरे के निशान से ऊपर पहुंच गया है। ऐसे में यदि बांध कट गया तो पानी का तेज बहाव सीधे गांव की तरफ आ जाएगा और घरों व खेतों में जलभराव हो सकता है। लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाना पड़ सकता है।
जुनावई के आधा दर्जन से अधिक गांव के कुछ हिस्सों में पहुंचा बाढ़ का पानी
जुनावई। क्षेत्र के गांव रघुपुर पुख्ता, बजाएंगी, उदिया नगला, मेंगरा, असदपुर सुखेला, सांलिंग की मड़इयां, नरुपुर, भावरू की मड़इयां सहित गांव के कुछ हिस्से में खेतों में पानी पहुंच गया है। जिससे ग्रामीण सहमे हुए हैं। इस संबंध में गुन्नौर उपजिलाधिकारी वंदना मिश्रा से बात करने पर उन्होंने बताया तहसील क्षेत्र की सभी 13 चौकियों को सतर्क कर दिया गया है। प्रशासन सभी तरफ निगरानी बनाए हुए है। जबकि खेरिया रुद्र गांव के किसानों की मक्का की फसल बाढ़ का पानी पहुंचने से बर्बाद हो गई है। जिसका सर्वे किया जाएगा।