जुनावई में गंगा में डूबे युवकों की तलाश करते नाविक और किनारे पर लगी भीड़।
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, लेकिन यहां मौजूद नागरिक सुरक्षा कोर (सिविल डिफेंस) के जवानों ने दो सगे भाइयों को तो बचा लिया, लेकिन उनका सोलह वर्षीय भतीजा तेज धार में बह गयाकई गोताखोरों ने देर शाम तक उसकी तलाश की, लेकिन वह नहीं मिला। अभी उसकी तलाश जारी है।
बदायूं जिले के इस्लामनगर थाना क्षेत्र के नूरपुर कुनौनी गांव निवासी नगेश दीक्षित के दो पुत्र राजू दीक्षित (24), दीपक दीक्षित (19) व उनका भतीजा अमन कुमार (16) पुत्र नत्थू लाल शुक्रवार की सुबह माघ पूर्णिमा पर जुनावई क्षेत्र के रामनगर खिरकवारी गांव स्थित साधू मढ़ी पर आया था।
यहां शुक्रवार को भंडारा आयोजित किया गया था। सुबह करीब 11.15 बजे तीनों चाचा भतीजे साधू मढ़ी के निकट गंगा नदी में स्नान करने चले गए। बाद में उन्हें भंडारे का प्रसाद ग्रहण करना था। जिस स्थान पर तीनों युवक स्नान के लिए पहुंचे वहां करीब बीस फीट गहरा गड्ढा बताया जा रहा है। हालांकि जब युवक उतरने की तैयारी कर रहे थे, तभी वहां मौजूद नागरिक सुरक्षा कोर के डिवीजन वार्डन घनेंद्र सिंह यादव ने उन्हें रोका, लेकिन कुछ देर बाद वह वहां से चले गए तो दीपक व अमन फिर वहीं स्नान करने उतर गए। इसी दौरान दोनों डूबने लगे, तो उन्हें बचाने के लिए राजू ने भी छलांग लगा दी।
शोर मचा तो वहां मौजूद सिविल डिफेंस के अतर सिंह, शिशुपाल, सुरेश चंद्र, साबिर अली आदि बचाव में उतरे। दीपक व राजू को तो बचा लिया गया, लेकिन अमन कुमार पानी के तेज बहाव में बह गया। कई गोताखोरों को अमन नहीं मिल सका। टीम जाल लेने के लिए पास के गांव में गई, लेकिन शाम तक जाल नहीं मिल पाया था। फिलहाल नागरिक सुरक्षा के जवान अमन की तलाश में जुटे थे, लेकिन उसका पता नहीं चला था।