मुर्दों के बीमे के बाद एक और घोटाला सामने आया है। अब ओलावृष्टि से फसल बर्बाद होने के चलते सरकार द्वारा किसानों को भेजे गए मुआवजे में से दो करोड़ रुपये अफसरशाही और रसूखदार लोगों की लॉबी डकार गई।
प्रारंभिक पड़ताल में 1.73 करोड़ रुपये का घोटाला उजागर हो चुका है। पूरा खेल मुआवजा चेकों पर नाम बदलकर किया गया। किसानों के नाम डिलीट करके चेकों पर दूसरे नाम और नया एमाउंट भरा गया और बैंकों से रकम निकाल ली गई। घोटाले की नींव बदायूं जिले की बिल्सी तहसील में रखी गई। मामला खुलने के बाद अब तहसीलदार ने रिपोर्ट दर्ज करा दी है।
किसानों के मुआवजा चेकों से नाम मिटाकर मुआवजे के दो करोड़ रुपये हड़पने के मामले में बहजोई के एक होटल संचालक समेत कई व्यापारियों के नाम भी सामने आ रहे हैं। फर्जीवाड़ा करने के बाद यह चेक संभल, मुरादाबाद, बदायूं, अलीगढ़, हाथरस व आगरा समेत अन्य कई जिलों की पीएनबी शाखाओं से कैश किए गए हैं। एक ही बैंक से चेक कैश होने से बैंक स्टाफ पर भी उंगलियां उठ रही हैं। तहसील प्रशासन भी जांच के घेरे में है।
वर्ष 2014 में ओलावृष्टि से किसानों की फसल बर्बाद होने के बाद सरकार ने किसानों में वितरित करने के लिए सभी तहसीलों को मुआवजा राशि भेजी थी। बदायूं की बिल्सी तहसील को भी इसके तहत रकम भेजी गई थी। तहसील प्रशासन का दावा है कि रकम को किसानों को वितरित कर दिया गया था। किसानों के नाम से मुआवजे के चेक बनाकर लेखपालों को दे दिए गए थे।
चेकों पर तहसीलदार बिल्सी ने हस्ताक्षर भी किए थे। हस्ताक्षरित चेक किसानों के बजाए लेखपालों के माध्यम से बिचौलियों के पास चले गए।
इन्हीं में से कुछ चेक बहजोई भी पहुंच गए। यहां इन चेकों से किसानों के नाम मिटाकर फर्जी तरीके से दूसरे लोगों के नाम भरे गए, उनमें मनमाने तरीके से धनराशि भी भरी गई। पंजाब नेशनल बैंक की शाखाओं में साठगांठ करके चेक की धनराशि को अपने खातों में जमा भी करा लिया गया। मामला संज्ञान में आने पर बदायूं जिला प्रशासन में खलबली मच गई। इस पर तहसीलदार बिल्सी ने बिल्सी थाने में ही एक जुलाई-2016 को 14 लोगों के खिलाफ धोखाधड़ी की रिपोर्ट दर्ज करा दी है।
सभी चेक अलग अलग किसानों के नाम थे, जो 750 से 4500 रुपये तक के थे। किसानों के नाम अंकित होने के बाद ही हस्ताक्षर किए थे। लेकिन पता नहीं किस तकनीक से चेकों से किसानों के नाम मिटाकर दूसरे नाम लिखे गए और अंकित धनराशि मिटाकर दूसरी बढ़ी हुई धनराशि अंकित कर ली गई। अहम बात तो यह कि यह चेक लेखपालों को दिए गए थे, किसानों को बांटने के लिए तो फिर बिचौलियों के हाथों में कैसे पहुंच गए। बताते हैं कि बहजोई का होटल संचालक किशन यादव यहां से चेक ले गया था, जांच चल रही है। बालक राम, तहसीलदार बिल्सी (बदायूं)
जांच कराकर करेंगे कार्रवाई : डीएम
संभल जिलाधिकारी एनके सिंह चौहान ने बताया कि सालभर पहले गुन्नौर क्षेत्र में चेक पर गलत धनराशि भरकर भुगतान का मामला सामने आया था, जिसमें एफआईआर दर्ज कराकर कार्रवाई की थी। इसके बाद 100 करोड़ के राहत चेकों का किसानवार वेरीफिकेशन कराया गया, बैंक से मिलान भी कराया गया। अब बिल्सी तहसील के चेकों में बहजोई क्षेत्र के लोगों के संलिप्त होने का मामला संज्ञान में आया है तो जांच कराकर कार्रवाई होगी।