फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

चार साल पहले 19.86 लाख की लागत से लगे सीसीटीवी कैमरे नहीं आ रहे नजर

विज्ञापन
विज्ञापन
बबराला नगर की चौकसी के लिए चार साल पहले 19.86 लाख रुपये की लागत से लगवाए गए सीसीटीवी कैमरे अब कहीं नजर नहीं आते हैं। नगर पंचायत बबराला कार्यालय में ही कंट्रोल बनाया गया था लेकिन अब वहां भी सामान नजर नहीं आता है। चौकसी व सुरक्षा के लिए सीसीटीवी कैमरों पर खर्च किए गए लाखों रुपये यूं बर्बाद हो गए।
विज्ञापन

बबराला नगर में होने वाली आपराधिक घटनाओं को नियंत्रित करने के उद्देश्य से नगर पंचायत ने वर्ष 2018 में नगर की मुख्य मार्केट, इंदिरा चौक, श्रीरामलीला मैदान, रेलवे स्टेशन मार्ग, मुख्य चौराह समेत 14 प्रमुख स्थानों पर सीसीटीवी कैमरे लगवाए गए थे। कैमरों और केबल एलईडी आदि पर 19 लाख 86 हजार रुपये खर्च किए। शुरुआत में इन कैमरों की मदद से नगर की चौकसी की गई। पुलिस के साथ ही व्यापारियों को नगर पंचायत की इस तीसरी नजर का खूब फायदा मिला। खराबी आने पर इनकी मरम्मत कराई गई। इसके बाद धीरे-धीरे ये कैमरे नगर के मुख्य स्थानों से अचानक ही गायब होने लगे।
मामले में जांच की उठी थी मांग
जिस समय नगर पंचायत ने ये सीसीटीवी कैमरे लगवाए थे। उस समय नगर के कुछ लोगों ने इन पर हुए खर्चे को लेकर सवाल खड़े किए थे। नगर पंचायत ने 14 सीसीटीवी पर 19 लाख 85 हजार रुपये खर्च दर्शाया था। इसमें कैमरे, एक बड़ी एलईडी, केबल आदि पर मोटी रकम खर्च की गई थी। जांच की मांग भी उठी थी लेकिन ये आवाज कुछ समय बाद दबकर रह गई।
विज्ञापन

ये सीसीटीवी कैमरे मेरे समय में नहीं लगवाए गए। मुझे इनकी जानकारी नहीं है। अगर जानकारी चाहिए तो पहले आरटीआई दाखिल करें। मौखिक रूप से नगर पंचायत की कोई जानकारी नहीं दी जाएगी।
पवित्रा त्रिपाठी, ईओ नगर पंचायत बबराला
नगर पंचायत ने चौराहों और तिराहों पर कैमरे लगवाए गए थे। कई बार नगर से गुजरने वाले वाहनों की वजह से ये कैमरे और इनकी केबल क्षतिग्रस्त हुई। उनको सही भी कराया लेकिन स्थायी समाधान न होने से ये लगातार टूटते रहे। इसके बाद इनको उतरवाकर नगर पंचायत कार्यालय में रखवा दिया गया।
विज्ञापन

सुषमा यादव, चेयरमैन बबराला
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें