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शिक्षा सत्र शुरू हुए चार माह बीते, अब तक बच्चों के हाथों में हैं पुरानी किताबें

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शिक्षा सत्र शुरू हुए चार माह बीत चुके हैं लेकिन अभी तक जिले के 1289 परिषदीय विद्यालयों के 221321 बच्चों को नई किताबें नहीं मिली हैं। पुरानी किताबों से ही पढ़ाई करनी पड़ रही है। करीब 15 दिन पहले मुख्यालय पर किताबें आने का दावा बीएसए चंद्रशेखर ने किया था। वितरण अभी तक नहीं किया गया है। परिषदीय विद्यालयों में पुरानी किताबों से ही पढ़ाई कराई जा रही है। बुधवार को अमर उजाला की टीम ने जिले के अलग-अलग बीआरसी केंद्रों पर किताबों की पड़ताल की। सभी जगह किताबें रखी हुईं मिलीं। हालत ये है कि इन कार्यालयों के आसपास संचालित परिषदीय विद्यालयों में भी बच्चे पुरानी ही किताबों से पढ़ते मिले।
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संभल बीआरसी केंद्र
सुबह 11.30 बजे- बीआरसी केंद्र पर कर्मचारियों ने बताया कि किताबें आ गई हैं लेकिन वितरण करने का आदेश नहीं मिला है। खंड शिक्षा अधिकारी बबीता सिंह ने बताया कि बुधवार को ही बीआरसी और नगर क्षेत्र की किताबें आई हैं। अब वितरण कराया जाएगा।
असमोली बीआरसी केंद्र
दोपहर 12.15 बजे- खंड शिक्षा अधिकारी के कार्यालय में किताबें रखी हैं। इसका दावा खंड शिक्षा अधिकारी सुल्तान अहमद ने किया। वह कार्यालय में मौजूद नहीं थे। कर्मचारी कार्यालय संभाले हुए थे। खंड शिक्षा अधिकारी ने फोन पर बताया कि अभी किताबें पूरी नहीं मिली हैं। इसलिए वितरण नहीं कराया है। किताबें पूरी हो जाएंगी तो वितरण करा दिया जाएगा।
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बीएसए कार्यालय बहजोई
दोपहर 12.25 बजे- बीएसए कार्यालय पर बने गोदाम में किताबें भरी हुई थीं। कुछ गाड़ियों से भी अलग-अलग बीआरसी केंद्र के लिए किताबें भेजी जा रही थीं। कर्मचारियों ने बताया कि बीआरसी केंद्र जो रह गए हैं उन्हें किताबें भेजी जा रही हैं।
रजपुरा बीआरसी केंद्र-
दोपहर 12.30 बजे- रजपुरा ब्लॉक में स्थित खंड शिक्षा अधिकारी के कार्यालय में बने सभागार कक्ष के अंदर किताबें रखी हुई थीं। खंड शिक्षा अधिकारी देवेंद्र कुमार सिंह ने बताया कि मंगलवार की शाम को किताबें कार्यालय पहुंची हैं। अब वितरण के लिए सूची बनाई जा रही है। इसके बाद वितरण किया जाएगा।
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